शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। द्वादशी तिथि 10:30 बजे तक, फिर त्रयोदशी 10:48 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 04:42 (कल) बजे तक, उसके बाद चित्रा 05:51 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 04:08 (कल) बजे तक, फिर प्रीति योग 03:26 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:30 बजे तक, उसके बाद गर 22:36 बजे तक, फिर वणिज 10:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:42 से 12:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
इस तिथि के पर्व
शुक्रवार, 6 नवंबर
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
पिछले दिन10:35उसी दिन10:30
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन10:30अगले दिन10:48
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
हस्त · पाद 1
उसी दिन03:55अगले दिन04:42
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
विष्कुम्भ
उसी दिन05:08अगले दिन04:08
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
पिछले दिन22:30उसी दिन10:30
गर
उसी दिन10:30उसी दिन22:36
वणिज
उसी दिन22:36अगले दिन10:48
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · शुक्र
6 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 06:3607:58 | ||
| 07:5809:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:48 | ||
| 14:4816:10 | ||
| 16:1017:32 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 17:3219:10 | ||
| 19:1020:48 | ||
| 20:4822:26 | ||
| 22:2600:04 | ||
| 00:0401:43 | ||
| 01:4303:21 | ||
| 03:2104:59 | ||
| 04:5906:37 |
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 06:3607:58 | ||
| 07:5809:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:48 | ||
| 14:4816:10 | ||
| 16:1017:32 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 17:3219:10 | ||
| 19:1020:48 | ||
| 20:4822:26 | ||
| 22:2600:04 | ||
| 00:0401:43 | ||
| 01:4303:21 | ||
| 03:2104:59 | ||
| 04:5906:37 |
| 04:52→05:44 | ||
| 11:42→12:26 | ||
| 22:30→00:10 | ||
| 10:42→12:04 | ||
| 14:48→16:10 | ||
| 07:58→09:20 | ||
| 12:35→14:15 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 06:3607:31 | ||
| 07:3108:25 | ||
| 08:2509:20 | ||
| 09:2010:15 | ||
| 10:1511:09 | ||
| 11:0912:04 | ||
| 12:0412:59 | ||
| 12:5913:53 | ||
| 13:5314:48 | ||
| 14:4815:43 | ||
| 15:4316:37 | ||
| 16:3717:32 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 17:3218:38 | ||
| 18:3819:43 | ||
| 19:4320:48 | ||
| 20:4821:54 | ||
| 21:5422:59 | ||
| 22:5900:04 | ||
| 00:0401:10 | ||
| 01:1002:15 | ||
| 02:1503:21 | ||
| 03:2104:26 | ||
| 04:2605:31 | ||
| 05:3106:37 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 6 नवंबर 2026 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 6 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 6 नवंबर 2026 का नक्षत्र हस्त और योग विष्कुम्भ है।
- 6 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर तथा सूर्यास्त 17:32 पर होगा।
- 6 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:42–12:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

