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मंगलवार, 1 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। चतुर्दशी तिथि 21:39 बजे तक, फिर अमावस्या 00:19 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 09:15 बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 12:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 02:16 (कल) बजे तक, फिर ब्रह्म योग 03:20 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:22 बजे तक, उसके बाद शकुनि 21:39 बजे तक, फिर चतुष्पाद 10:59 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:08 से 16:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन19:06उसी दिन21:39

    • अमावस्या

      उसी दिन21:39अगले दिन00:19

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन06:18उसी दिन09:15

    • उत्तर फाल्गुनी

      उसी दिन09:15अगले दिन12:22

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      उसी दिन01:16अगले दिन02:16

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन19:06उसी दिन08:22

    • शकुनि

      उसी दिन08:22उसी दिन21:39

    • चतुष्पाद

      उसी दिन21:39अगले दिन10:59

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · मंगल

00061218रोग · 06:14 – 07:43उद्वेग · 07:43 – 09:12चल · 09:12 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:10अमृत · 12:10 – 13:39काल · 13:39 – 15:08शुभ · 15:08 – 16:37रोग · 16:37 – 18:06लाभ · 18:06 – 19:37उद्वेग · 19:37 – 21:08शुभ · 21:08 – 22:39अमृत · 22:39 – 00:10चल · 00:10 – 01:41रोग · 01:41 – 03:12काल · 03:12 – 04:43लाभ · 04:43 – 06:14रोग · 06:14 – 07:43काल · 07:43 – 09:12लाभ · 09:12 – 10:41उद्योग · 10:41 – 12:10चल · 12:10 – 13:39अमृत · 13:39 – 15:08शून्य · 15:08 – 16:37शुभ · 16:37 – 18:06काल · 18:06 – 19:37शून्य · 19:37 – 21:08रोग · 21:08 – 22:39लाभ · 22:39 – 00:10अमृत · 00:10 – 01:41उद्योग · 01:41 – 03:12चल · 03:12 – 04:43शुभ · 04:43 – 06:14ब्रह्म मुहूर्त · 04:37 – 05:25अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:34अमृत काल · 02:04 – 03:52राहु काल · 15:08 – 16:37यमगण्ड काल · 09:12 – 10:41गुलिक काल · 12:10 – 13:39वर्ज्यम् · 15:17 – 17:05मंगल · 06:14 – 07:13सूर्य · 07:13 – 08:12शुक्र · 08:12 – 09:12बुध · 09:12 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:11शनि · 11:11 – 12:10गुरु · 12:10 – 13:09मंगल · 13:09 – 14:09सूर्य · 14:09 – 15:08शुक्र · 15:08 – 16:08बुध · 16:08 – 17:07चंद्र · 17:07 – 18:06शनि · 18:06 – 19:07गुरु · 19:07 – 20:08मंगल · 20:08 – 21:08सूर्य · 21:08 – 22:09शुक्र · 22:09 – 23:10बुध · 23:10 – 00:10चंद्र · 00:10 – 01:11शनि · 01:11 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:12मंगल · 03:12 – 04:13सूर्य · 04:13 – 05:14शुक्र · 05:14 – 06:14

1 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:08
16:37

रात के समय

8·1 घं 31 मि
18:06
19:37
21:08
22:39
00:10
01:41
03:12
04:43

दिन के समय

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:08
16:37

रात के समय

8·1 घं 31 मि
18:06
19:37
21:08
22:39
00:10
01:41
03:12
04:43
04:3705:25
11:4612:34
02:0403:52
15:0816:37
09:1210:41
12:1013:39
15:1717:05

दिन के घंटे

12·59 मि
06:14
07:13
08:12
09:12
10:11
11:11
12:10
13:09
14:09
15:08
16:08
17:07

रात के घंटे

12·1 घं 1 मि
18:06
19:07
20:08
21:08
22:09
23:10
00:10
01:11
02:12
03:12
04:13
05:14

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
1 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
1 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
1 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग शुक्ल है।
1 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:14 पर तथा सूर्यास्त 18:06 पर होगा।
1 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:08–16:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।