शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्थी तिथि 19:38 बजे तक, फिर पंचमी 16:43 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 17:30 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 15:19 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 17:40 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 14:06 (कल) बजे तक। बव करण 09:14 बजे तक, उसके बाद बालव 19:38 बजे तक, फिर कौलव 06:08 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:40 से 12:07) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन22:54उसी दिन19:38
कृष्ण पंचमी
उसी दिन19:38अगले दिन16:43
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
कृत्तिका
पिछले दिन20:02उसी दिन17:30
रोहिणी
उसी दिन17:30अगले दिन15:19
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
सिद्धि
पिछले दिन21:31उसी दिन17:40
व्यतीपात
उसी दिन17:40अगले दिन14:06
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
पिछले दिन22:54उसी दिन09:14
बालव
उसी दिन09:14उसी दिन19:38
कौलव
उसी दिन19:38अगले दिन06:08
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · शुक्र
10 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:35 | ||
| 13:3515:02 | ||
| 15:0216:29 | ||
| 16:2917:56 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:19 |
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:35 | ||
| 13:3515:02 | ||
| 15:0216:29 | ||
| 16:2917:56 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:19 |
| 04:40→05:29 | ||
| 11:44→12:31 | ||
| 15:21→16:47 | ||
| 10:40→12:07 | ||
| 15:02→16:29 | ||
| 07:46→09:13 | ||
| 06:46→08:12 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:1907:17 | ||
| 07:1708:15 | ||
| 08:1509:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:07 | ||
| 12:0713:06 | ||
| 13:0614:04 | ||
| 14:0415:02 | ||
| 15:0216:00 | ||
| 16:0016:58 | ||
| 16:5817:56 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 17:5618:58 | ||
| 18:5820:00 | ||
| 20:0021:02 | ||
| 21:0222:04 | ||
| 22:0423:06 | ||
| 23:0600:08 | ||
| 00:0801:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:15 | ||
| 04:1505:17 | ||
| 05:1706:19 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
- 10 अक्टूबर 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 10 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 10 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र कृत्तिका और योग सिद्धि है।
- 10 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर तथा सूर्यास्त 17:56 पर होगा।
- 10 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:40–12:07 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

