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Kundli GPT

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। अमावस्या तिथि 21:19 बजे तक, फिर प्रतिपदा 21:31 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 21:42 बजे तक, उसके बाद चित्रा 22:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 22:01 बजे तक, फिर वैधृति योग 21:04 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 09:24 बजे तक, उसके बाद नाग 21:19 बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 09:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:13 से 10:40) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 21:36 उसी दिन 21:19

    • शुक्ल प्रतिपदा

      उसी दिन 21:19 अगले दिन 21:31

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • आश्विन · कार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 21:19 उसी दिन 21:42

    • चित्रा

      उसी दिन 21:42 अगले दिन 22:31

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 23:19 उसी दिन 22:01

    • वैधृति

      उसी दिन 22:01 अगले दिन 21:04

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • चतुष्पाद

      पिछले दिन 21:36 उसी दिन 09:24

    • नाग

      उसी दिन 09:24 उसी दिन 21:19

    • किंस्तुघ्न

      उसी दिन 21:19 अगले दिन 09:21

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · शनि

00 06 12 18 काल · 06:18 – 07:46 शुभ · 07:46 – 09:13 रोग · 09:13 – 10:40 उद्वेग · 10:40 – 12:08 चल · 12:08 – 13:35 लाभ · 13:35 – 15:02 अमृत · 15:02 – 16:29 काल · 16:29 – 17:57 काल · 17:57 – 19:29 लाभ · 19:29 – 21:02 उद्वेग · 21:02 – 22:35 शुभ · 22:35 – 00:08 अमृत · 00:08 – 01:41 चल · 01:41 – 03:13 रोग · 03:13 – 04:46 काल · 04:46 – 06:19 काल · 06:18 – 07:46 चल · 07:46 – 09:13 उद्योग · 09:13 – 10:40 अमृत · 10:40 – 12:08 लाभ · 12:08 – 13:35 रोग · 13:35 – 15:02 शुभ · 15:02 – 16:29 शून्य · 16:29 – 17:57 अमृत · 17:57 – 19:29 रोग · 19:29 – 21:02 शून्य · 21:02 – 22:35 उद्योग · 22:35 – 00:08 शुभ · 00:08 – 01:41 लाभ · 01:41 – 03:13 चल · 03:13 – 04:46 काल · 04:46 – 06:19 ब्रह्म मुहूर्त · 04:40 – 05:29 अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:31 अमृत काल · 15:36 – 17:13 राहु काल · 09:13 – 10:40 यमगण्ड काल · 13:35 – 15:02 गुलिक काल · 06:18 – 07:46 वर्ज्यम् · 05:51 – 07:28 शनि · 06:18 – 07:17 गुरु · 07:17 – 08:15 मंगल · 08:15 – 09:13 सूर्य · 09:13 – 10:11 शुक्र · 10:11 – 11:09 बुध · 11:09 – 12:08 चंद्र · 12:08 – 13:06 शनि · 13:06 – 14:04 गुरु · 14:04 – 15:02 मंगल · 15:02 – 16:00 सूर्य · 16:00 – 16:58 शुक्र · 16:58 – 17:57 बुध · 17:57 – 18:58 चंद्र · 18:58 – 20:00 शनि · 20:00 – 21:02 गुरु · 21:02 – 22:04 मंगल · 22:04 – 23:06 सूर्य · 23:06 – 00:08 शुक्र · 00:08 – 01:10 बुध · 01:10 – 02:12 चंद्र · 02:12 – 03:13 शनि · 03:13 – 04:15 गुरु · 04:15 – 05:17 मंगल · 05:17 – 06:19

10 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 27 मि
06:18
07:46
09:13
10:40
12:08
13:35
15:02
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 33 मि
17:57
19:29
21:02
22:35
00:08
01:41
03:13
04:46

दिन के समय

8 · 1 घं 27 मि
06:18
07:46
09:13
10:40
12:08
13:35
15:02
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 33 मि
17:57
19:29
21:02
22:35
00:08
01:41
03:13
04:46
04:40 05:29
11:44 12:31
15:36 17:13
09:13 10:40
13:35 15:02
06:18 07:46
05:51 07:28

दिन के घंटे

12 · 58 मि
06:18
07:17
08:15
09:13
10:11
11:09
12:08
13:06
14:04
15:02
16:00
16:58

रात के घंटे

12 · 1 घं 2 मि
17:57
18:58
20:00
21:02
22:04
23:06
00:08
01:10
02:12
03:13
04:15
05:17

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
10 अक्टूबर 2026 की तिथि अमावस्या है।
10 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
10 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र हस्त और योग ऐन्द्र है।
10 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर तथा सूर्यास्त 17:57 पर होगा।
10 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:13–10:40 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।