रविवार, 11 अक्टूबर 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। प्रतिपदा तिथि 21:31 बजे तक, फिर द्वितीया 22:13 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 22:31 बजे तक, उसके बाद स्वाति 23:51 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 21:04 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 20:31 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 09:21 बजे तक, उसके बाद बव 21:31 बजे तक, फिर बालव 09:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:28 से 17:56) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन21:19उसी दिन21:31
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन21:31अगले दिन22:13
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन21:42उसी दिन22:31
स्वाति
उसी दिन22:31अगले दिन23:51
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वैधृति
पिछले दिन22:01उसी दिन21:04
विष्कुम्भ
उसी दिन21:04अगले दिन20:31
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
किंस्तुघ्न
पिछले दिन21:19उसी दिन09:21
बव
उसी दिन09:21उसी दिन21:31
बालव
उसी दिन21:31अगले दिन09:48
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · रवि
11 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:34 | ||
| 13:3415:01 | ||
| 15:0116:28 | ||
| 16:2817:56 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:14 | ||
| 03:1404:47 | ||
| 04:4706:20 |
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:34 | ||
| 13:3415:01 | ||
| 15:0116:28 | ||
| 16:2817:56 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:14 | ||
| 03:1404:47 | ||
| 04:4706:20 |
| 04:40→05:29 | ||
| 11:44→12:30 | ||
| 15:54→17:33 | ||
| 16:28→17:56 | ||
| 12:07→13:34 | ||
| 15:01→16:28 | ||
| 05:58→07:38 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:1907:17 | ||
| 07:1708:15 | ||
| 08:1509:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:07 | ||
| 12:0713:05 | ||
| 13:0514:03 | ||
| 14:0315:01 | ||
| 15:0115:59 | ||
| 15:5916:57 | ||
| 16:5717:56 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 17:5618:58 | ||
| 18:5820:00 | ||
| 20:0021:02 | ||
| 21:0222:04 | ||
| 22:0423:06 | ||
| 23:0600:08 | ||
| 00:0801:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:14 | ||
| 03:1404:16 | ||
| 04:1605:18 | ||
| 05:1806:20 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
- 11 अक्टूबर 2026 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 11 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 11 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र चित्रा और योग वैधृति है।
- 11 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर तथा सूर्यास्त 17:56 पर होगा।
- 11 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:28–17:56 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

