संग्रह
पंचांग — अक्टूबर 2026
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
पंचमीरोहिणी 06:132
षष्ठीमृगशिरा 06:143
सप्तमीआर्द्रा 06:154
नवमीपुनर्वसु 06:155
दशमीपुष्य 06:166
इंदिरा एकादशीआश्लेषा 06:167
द्वादशीमघा 06:178
त्रयोदशीपूर्व फाल्गुनी 06:179
चतुर्दशीउत्तर फाल्गुनी 06:1810
अमावस्याहस्त 06:1811
प्रतिपदाचित्रा 06:19शरद नवरात्रि12
द्वितीयास्वाति 06:2013
तृतीयाविशाखा 06:2014
चतुर्थीअनुराधा 06:2115
पंचमीज्येष्ठा 06:2116
षष्ठीज्येष्ठा 06:2217
सप्तमीमूल 06:2318
सप्तमीपूर्व आषाढ़ा 06:2319
अष्टमीउत्तर आषाढ़ा 06:2420
नवमीश्रवण 06:24दशहरा21
दशमीधनिष्ठा 06:2522
पापांकुशा एकादशीशतभिषा 06:2623
द्वादशीपूर्व भाद्रपदा 06:2624
त्रयोदशीउत्तर भाद्रपदा 06:2725
चतुर्दशीरेवती 06:2826
पूर्णिमाअश्विनी 06:2827
प्रतिपदाभरणी 06:2928
तृतीयाकृत्तिका 06:3029
चतुर्थीरोहिणी 06:30करवा चौथ30
पंचमीमृगशिरा 06:3131
षष्ठीआर्द्रा 06:32आजबुधवार, 9 सितंबर 2026कृष्ण त्रयोदशीआश्लेषा
आगामी पर्व
शरद नवरात्रि
11 अक्टूबर 202632 दिन मेंदेवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित शरद ऋतु की नौ रातें, जो दशहरे पर समाप्त होती हैं। उपवास, गरबा और डांडिया के साथ मनाई जाती हैं।
दशहरा
20 अक्टूबर 202641 दिन मेंरावण पर श्रीराम की विजय का उत्सव — असत्य पर सत्य की जीत। अनेक नगरों में रावण के पुतले का दहन होता है; अन्य स्थानों पर यह नवरात्रि की पूर्णाहुति का दिन है।
करवा चौथ
29 अक्टूबर 202650 दिन मेंविवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।

