मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। नवमी तिथि 12:50 बजे तक, फिर दशमी 14:12 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 18:01 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 19:47 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 00:48 (कल) बजे तक, फिर गण्ड योग 00:31 (कल) बजे तक। कौलव करण 12:50 बजे तक, उसके बाद तैतिल 01:36 (कल) बजे तक, फिर गर 14:12 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:56 से 16:21) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल नवमी
पिछले दिन10:52उसी दिन12:50
शुक्ल दशमी
उसी दिन12:50अगले दिन14:12
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण
पिछले दिन15:38उसी दिन18:01
धनिष्ठा
उसी दिन18:01अगले दिन19:47
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
शूल
उसी दिन00:33अगले दिन00:48
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
कौलव
पिछले दिन23:55उसी दिन12:50
तैतिल
उसी दिन12:50अगले दिन01:36
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · मंगल
20 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2407:50 | ||
| 07:5009:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:31 | ||
| 13:3114:56 | ||
| 14:5616:21 | ||
| 16:2117:46 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4619:21 | ||
| 19:2120:56 | ||
| 20:5622:31 | ||
| 22:3100:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:50 | ||
| 04:5006:25 |
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2407:50 | ||
| 07:5009:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:31 | ||
| 13:3114:56 | ||
| 14:5616:21 | ||
| 16:2117:46 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4619:21 | ||
| 19:2120:56 | ||
| 20:5622:31 | ||
| 22:3100:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:50 | ||
| 04:5006:25 |
| 04:43→05:34 | ||
| 11:43→12:28 | ||
| 06:35→08:20 | ||
| 14:56→16:21 | ||
| 09:15→10:40 | ||
| 12:05→13:31 | ||
| 20:01→21:47 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:2407:21 | ||
| 07:2108:18 | ||
| 08:1809:15 | ||
| 09:1510:12 | ||
| 10:1211:08 | ||
| 11:0812:05 | ||
| 12:0513:02 | ||
| 13:0213:59 | ||
| 13:5914:56 | ||
| 14:5615:53 | ||
| 15:5316:49 | ||
| 16:4917:46 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 17:4618:49 | ||
| 18:4919:53 | ||
| 19:5320:56 | ||
| 20:5621:59 | ||
| 21:5923:02 | ||
| 23:0200:06 | ||
| 00:0601:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:15 | ||
| 03:1504:19 | ||
| 04:1905:22 | ||
| 05:2206:25 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
- 20 अक्टूबर 2026 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 20 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 20 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र श्रवण और योग शूल है।
- 20 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:24 पर तथा सूर्यास्त 17:46 पर होगा।
- 20 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:56–16:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

