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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज दशहरा है। नवमी तिथि दोपहर तक है, फिर दशमी शुरू होगी। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में शाम तक है, फिर धनिष्ठा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:43 से 12:28 बजे तक, और राहु काल में न करें, 14:56 से 16:21 बजे तक। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस तिथि के पर्व

मंगलवार, 20 अक्टूबर

दशहरा

विजयादशमी

अपराह्न13:13 – 15:30

शमी पूजन, अपराजिता पूजन और रावण दहन अपराह्न में होते हैं; विजय मुहूर्त इसी में आता है।

रावण पर श्रीराम की विजय का उत्सव — असत्य पर सत्य की जीत। अनेक नगरों में रावण के पुतले का दहन होता है; अन्य स्थानों पर यह नवरात्रि की पूर्णाहुति का दिन है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 10:52 उसी दिन 12:50 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      उसी दिन 12:50 अगले दिन 14:12

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 15:38 उसी दिन 18:01 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      उसी दिन 18:01 अगले दिन 19:47

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शूल

      उसी दिन 00:33 अगले दिन 00:48 तक

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:55 उसी दिन 12:50 तक

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 12:50 अगले दिन 01:36

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · मंगल

00061218रोग · 06:24 – 07:50उद्वेग · 07:50 – 09:15चल · 09:15 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:05अमृत · 12:05 – 13:31काल · 13:31 – 14:56शुभ · 14:56 – 16:21रोग · 16:21 – 17:46लाभ · 17:46 – 19:21उद्वेग · 19:21 – 20:56शुभ · 20:56 – 22:31अमृत · 22:31 – 00:06चल · 00:06 – 01:40रोग · 01:40 – 03:15काल · 03:15 – 04:50लाभ · 04:50 – 06:25रोग · 06:24 – 07:50काल · 07:50 – 09:15लाभ · 09:15 – 10:40उद्योग · 10:40 – 12:05चल · 12:05 – 13:31अमृत · 13:31 – 14:56शून्य · 14:56 – 16:21शुभ · 16:21 – 17:46काल · 17:46 – 19:21शून्य · 19:21 – 20:56रोग · 20:56 – 22:31लाभ · 22:31 – 00:06अमृत · 00:06 – 01:40उद्योग · 01:40 – 03:15चल · 03:15 – 04:50शुभ · 04:50 – 06:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:43 – 05:34अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:28अमृत काल · 06:35 – 08:20राहु काल · 14:56 – 16:21यमगण्ड काल · 09:15 – 10:40गुलिक काल · 12:05 – 13:31वर्ज्यम् · 20:01 – 21:47मंगल · 06:24 – 07:21सूर्य · 07:21 – 08:18शुक्र · 08:18 – 09:15बुध · 09:15 – 10:12चंद्र · 10:12 – 11:08शनि · 11:08 – 12:05गुरु · 12:05 – 13:02मंगल · 13:02 – 13:59सूर्य · 13:59 – 14:56शुक्र · 14:56 – 15:53बुध · 15:53 – 16:49चंद्र · 16:49 – 17:46शनि · 17:46 – 18:49गुरु · 18:49 – 19:53मंगल · 19:53 – 20:56सूर्य · 20:56 – 21:59शुक्र · 21:59 – 23:02बुध · 23:02 – 00:06चंद्र · 00:06 – 01:09शनि · 01:09 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:15मंगल · 03:15 – 04:19सूर्य · 04:19 – 05:22शुक्र · 05:22 – 06:25

20 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 25 मि
06:24
07:50
09:15
10:40
12:05
13:31
14:56
16:21

रात के समय

8·1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50

दिन के समय

8·1 घं 25 मि
06:24
07:50
09:15
10:40
12:05
13:31
14:56
16:21

रात के समय

8·1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50
04:43→05:34
11:43→12:28
06:35→08:20
14:56→16:21
09:15→10:40
12:05→13:31
20:01→21:47

दिन के घंटे

12·57 मि
06:24
07:21
08:18
09:15
10:12
11:08
12:05
13:02
13:59
14:56
15:53
16:49

रात के घंटे

12·1 घं 3 मि
17:46
18:49
19:53
20:56
21:59
23:02
00:06
01:09
02:12
03:15
04:19
05:22

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
20 अक्टूबर 2026 की तिथि शुक्ल नवमी है।
20 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
20 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र श्रवण और योग शूल है।
20 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:24 पर तथा सूर्यास्त 17:46 पर होगा।
20 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:56–16:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।