संग्रह
पंचांग — सितंबर 2026
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
चतुर्थीअश्विनी 05:592
पंचमीभरणी 05:593
सप्तमीकृत्तिका 06:00जन्माष्टमी4
अष्टमीरोहिणी 06:005
नवमीमृगशिरा 06:016
दशमीआर्द्रा 06:017
अजा एकादशीपुनर्वसु 06:028
द्वादशीपुष्य 06:029
त्रयोदशीआश्लेषा 06:0310
चतुर्दशीमघा 06:0311
अमावस्यापूर्व फाल्गुनी 06:0412
प्रतिपदाउत्तर फाल्गुनी 06:0413
द्वितीयाहस्त 06:0514
तृतीयाचित्रा 06:05गणेश चतुर्थी15
चतुर्थीस्वाति 06:0616
पंचमीविशाखा 06:0617
षष्ठीअनुराधा 06:0618
सप्तमीज्येष्ठा 06:0719
अष्टमीमूल 06:0720
नवमीपूर्व आषाढ़ा 06:0821
दशमीउत्तर आषाढ़ा 06:0822
परिवर्तिनी एकादशीउत्तर आषाढ़ा 06:0923
द्वादशीश्रवण 06:0924
त्रयोदशीधनिष्ठा 06:1025
चतुर्दशीशतभिषा 06:1026
पूर्णिमापूर्व भाद्रपदा 06:1127
प्रतिपदाउत्तर भाद्रपदा 06:1128
द्वितीयारेवती 06:1229
तृतीयाअश्विनी 06:1230
चतुर्थीभरणी 06:13आजसोमवार, 13 जुलाई 2026कृष्ण चतुर्दशीमृगशिरा
आगामी पर्व
जन्माष्टमी
3 सितंबर 202652 दिन मेंभगवान श्रीकृष्ण के अर्धरात्रि जन्म का उत्सव। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं, झूले सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि की आरती के बाद व्रत खोलते हैं।
गणेश चतुर्थी
14 सितंबर 20262 महीने मेंविघ्नहर्ता गणेश के जन्म का उत्सव। घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी की प्रतिमाएँ स्थापित कर एक से दस दिनों तक पूजा की जाती है, और अंत में जल में विसर्जन किया जाता है।

