रविवार, 27 सितंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। प्रतिपदा तिथि 20:59 बजे तक, फिर द्वितीया 19:13 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र 11:07 बजे तक, उसके बाद रेवती 10:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 11:15 बजे तक, फिर ध्रुव योग 08:52 (कल) बजे तक। बालव करण 09:42 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:59 बजे तक, फिर तैतिल 08:09 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:42 से 18:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण प्रतिपदा
पिछले दिन22:18उसी दिन20:59
कृष्ण द्वितीया
उसी दिन20:59अगले दिन19:13
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर भाद्रपदा
पिछले दिन11:31उसी दिन11:07
रेवती
उसी दिन11:07अगले दिन10:15
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
वृद्धि
पिछले दिन13:16उसी दिन11:15
ध्रुव
उसी दिन11:15अगले दिन08:52
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन22:18उसी दिन09:42
कौलव
उसी दिन09:42उसी दिन20:59
तैतिल
उसी दिन20:59अगले दिन08:09
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण प्रतिपदा · रवि
27 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:41 | ||
| 10:4112:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:41 | ||
| 10:4112:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
| 04:36→05:24 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 06:24→07:58 | ||
| 16:42→18:12 | ||
| 12:12→13:42 | ||
| 15:12→16:42 | ||
| 20:57→22:32 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1107:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:11 | ||
| 10:1111:11 | ||
| 11:1112:12 | ||
| 12:1213:12 | ||
| 13:1214:12 | ||
| 14:1215:12 | ||
| 15:1216:12 | ||
| 16:1217:12 | ||
| 17:1218:12 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1219:12 | ||
| 19:1220:12 | ||
| 20:1221:12 | ||
| 21:1222:12 | ||
| 22:1223:12 | ||
| 23:1200:12 | ||
| 00:1201:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:12 | ||
| 05:1206:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 27 सितंबर 2026 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
- 27 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 27 सितंबर 2026 का नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग वृद्धि है।
- 27 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:12 पर होगा।
- 27 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:42–18:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

