सोमवार, 27 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। द्वादशी तिथि 16:55 बजे तक, फिर त्रयोदशी 13:55 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 10:32 बजे तक, उसके बाद मघा 08:19 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 11:06 बजे तक, फिर साध्य योग 07:31 (कल) बजे तक। कौलव करण 06:23 बजे तक, उसके बाद तैतिल 16:55 बजे तक, फिर गर 03:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:41 से 09:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
पिछले दिन19:49उसी दिन16:55
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन16:55अगले दिन13:55
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
आश्लेषा
पिछले दिन12:37उसी दिन10:32
मघा
उसी दिन10:32अगले दिन08:19
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
सिद्ध
पिछले दिन14:34उसी दिन11:06
साध्य
उसी दिन11:06अगले दिन07:31
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
पिछले दिन19:49उसी दिन06:23
तैतिल
उसी दिन06:23उसी दिन16:55
गर
उसी दिन16:55अगले दिन03:25
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · सोम
27 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
| 04:36→05:23 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 09:05→10:32 | ||
| 07:41→09:11 | ||
| 10:42→12:12 | ||
| 13:42→15:12 | ||
| 00:18→01:46 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1107:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:11 | ||
| 10:1111:12 | ||
| 11:1212:12 | ||
| 12:1213:12 | ||
| 13:1214:12 | ||
| 14:1215:12 | ||
| 15:1216:12 | ||
| 16:1217:12 | ||
| 17:1218:12 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1219:12 | ||
| 19:1220:12 | ||
| 20:1221:12 | ||
| 21:1222:12 | ||
| 22:1223:12 | ||
| 23:1200:12 | ||
| 00:1201:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:12 | ||
| 05:1206:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 27 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 27 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 27 सितंबर 2027 का नक्षत्र आश्लेषा और योग सिद्ध है।
- 27 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:12 पर होगा।
- 27 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:41–09:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

