रविवार, 26 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। इंदिरा एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी शुरू होगी। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर आश्लेषा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:48 से 12:36 बजे तक, और राहु काल में न करें, 16:43 से 18:13 बजे तक। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
इंदिरा एकादशी
पिछले दिन 22:31 उसी दिन 19:49 तक
-
फिर
कृष्ण द्वादशी
उसी दिन 19:49 अगले दिन 16:55
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
-
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
-
पुष्य
पिछले दिन 14:27 उसी दिन 12:37 तक
-
फिर
आश्लेषा
उसी दिन 12:37 अगले दिन 10:32
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
-
-
शिव
पिछले दिन 17:50 उसी दिन 14:33 तक
-
फिर
सिद्ध
उसी दिन 14:33 अगले दिन 11:06
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
-
-
बव
पिछले दिन 22:31 उसी दिन 09:12 तक
-
फिर
बालव
उसी दिन 09:12 उसी दिन 19:49
-
फिर
कौलव
उसी दिन 19:49 अगले दिन 06:23
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · रवि
26 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:43 | ||
| 16:4318:13 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1319:43 | ||
| 19:4321:13 | ||
| 21:1322:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:11 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:43 | ||
| 16:4318:13 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1319:43 | ||
| 19:4321:13 | ||
| 21:1322:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:11 |
| 04:35→05:23 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 06:42→08:11 | ||
| 16:43→18:13 | ||
| 12:12→13:42 | ||
| 15:12→16:43 | ||
| 21:50→23:19 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1107:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:12 | ||
| 11:1212:12 | ||
| 12:1213:12 | ||
| 13:1214:12 | ||
| 14:1215:12 | ||
| 15:1216:13 | ||
| 16:1317:13 | ||
| 17:1318:13 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1319:13 | ||
| 19:1320:13 | ||
| 20:1321:13 | ||
| 21:1322:12 | ||
| 22:1223:12 | ||
| 23:1200:12 | ||
| 00:1201:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:11 | ||
| 05:1106:11 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 26 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 26 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 26 सितंबर 2027 का नक्षत्र पुष्य और योग शिव है।
- 26 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:13 पर होगा।
- 26 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 16:43–18:13 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



