शनिवार, 25 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। दशमी तिथि 22:31 बजे तक, फिर एकादशी 19:49 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 14:27 बजे तक, उसके बाद पुष्य 12:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 17:50 बजे तक, फिर शिव योग 14:34 (कल) बजे तक। वणिज करण 11:45 बजे तक, उसके बाद विष्टि 22:31 बजे तक, फिर बव 09:12 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:11 से 10:42) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
उसी दिन00:54उसी दिन22:31
इंदिरा एकादशी
उसी दिन22:31अगले दिन19:49
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
पुनर्वसु
पिछले दिन15:57उसी दिन14:27
पुष्य
उसी दिन14:27अगले दिन12:37
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
परिघ
पिछले दिन20:50उसी दिन17:50
शिव
उसी दिन17:50अगले दिन14:34
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
वणिज
उसी दिन00:54उसी दिन11:45
विष्टि
उसी दिन11:45उसी दिन22:31
बव
उसी दिन22:31अगले दिन09:12
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · शनि
25 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1007:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:43 | ||
| 13:4315:13 | ||
| 15:1316:44 | ||
| 16:4418:14 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1419:44 | ||
| 19:4421:13 | ||
| 21:1322:43 | ||
| 22:4300:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:11 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1007:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:43 | ||
| 13:4315:13 | ||
| 15:1316:44 | ||
| 16:4418:14 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1419:44 | ||
| 19:4421:13 | ||
| 21:1322:43 | ||
| 22:4300:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:11 |
| 04:35→05:23 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 12:12→13:42 | ||
| 09:11→10:42 | ||
| 13:43→15:13 | ||
| 06:10→07:41 | ||
| 03:12→04:42 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1007:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:12 | ||
| 11:1212:12 | ||
| 12:1213:13 | ||
| 13:1314:13 | ||
| 14:1315:13 | ||
| 15:1316:14 | ||
| 16:1417:14 | ||
| 17:1418:14 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1419:14 | ||
| 19:1420:14 | ||
| 20:1421:13 | ||
| 21:1322:13 | ||
| 22:1323:13 | ||
| 23:1300:13 | ||
| 00:1301:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:11 | ||
| 04:1105:11 | ||
| 05:1106:11 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 25 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 25 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 25 सितंबर 2027 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग परिघ है।
- 25 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:10 पर तथा सूर्यास्त 18:14 पर होगा।
- 25 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:11–10:42 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

