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Kundli GPT

रविवार, 20 सितंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। नवमी तिथि 17:51 बजे तक, फिर दशमी 20:01 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 04:33 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 07:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 15:21 बजे तक, फिर शोभन योग 16:04 (कल) बजे तक। कौलव करण 17:51 बजे तक, उसके बाद तैतिल 06:59 (कल) बजे तक, फिर गर 20:01 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:48 से 18:20) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 15:27 उसी दिन 17:51

    • शुक्ल दशमी

      उसी दिन 17:51 अगले दिन 20:01

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • आश्विन · कार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा · पाद 1

      उसी दिन 01:42 अगले दिन 04:33

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 14:27 उसी दिन 15:21

    • शोभन

      उसी दिन 15:21 अगले दिन 16:04

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      उसी दिन 04:40 उसी दिन 17:51

    • तैतिल

      उसी दिन 17:51 अगले दिन 06:59

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 06:08 – 07:39 चल · 07:39 – 09:11 लाभ · 09:11 – 10:42 अमृत · 10:42 – 12:14 काल · 12:14 – 13:45 शुभ · 13:45 – 15:17 रोग · 15:17 – 16:48 उद्वेग · 16:48 – 18:20 शुभ · 18:20 – 19:49 अमृत · 19:49 – 21:17 चल · 21:17 – 22:46 रोग · 22:46 – 00:14 काल · 00:14 – 01:43 लाभ · 01:43 – 03:11 उद्वेग · 03:11 – 04:40 शुभ · 04:40 – 06:08 उद्योग · 06:08 – 07:39 अमृत · 07:39 – 09:11 काल · 09:11 – 10:42 शुभ · 10:42 – 12:14 रोग · 12:14 – 13:45 शून्य · 13:45 – 15:17 लाभ · 15:17 – 16:48 चल · 16:48 – 18:20 शून्य · 18:20 – 19:49 लाभ · 19:49 – 21:17 चल · 21:17 – 22:46 रोग · 22:46 – 00:14 काल · 00:14 – 01:43 शुभ · 01:43 – 03:11 अमृत · 03:11 – 04:40 उद्योग · 04:40 – 06:08 ब्रह्म मुहूर्त · 04:34 – 05:21 अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:38 अमृत काल · 23:11 – 00:59 राहु काल · 16:48 – 18:20 यमगण्ड काल · 12:14 – 13:45 गुलिक काल · 15:17 – 16:48 वर्ज्यम् · 12:26 – 14:14 सूर्य · 06:08 – 07:09 शुक्र · 07:09 – 08:10 बुध · 08:10 – 09:11 चंद्र · 09:11 – 10:12 शनि · 10:12 – 11:13 गुरु · 11:13 – 12:14 मंगल · 12:14 – 13:15 सूर्य · 13:15 – 14:16 शुक्र · 14:16 – 15:17 बुध · 15:17 – 16:18 चंद्र · 16:18 – 17:19 शनि · 17:19 – 18:20 गुरु · 18:20 – 19:19 मंगल · 19:19 – 20:18 सूर्य · 20:18 – 21:17 शुक्र · 21:17 – 22:16 बुध · 22:16 – 23:15 चंद्र · 23:15 – 00:14 शनि · 00:14 – 01:13 गुरु · 01:13 – 02:12 मंगल · 02:12 – 03:11 सूर्य · 03:11 – 04:10 शुक्र · 04:10 – 05:09 बुध · 05:09 – 06:08

20 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:08
07:39
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:20
19:49
21:17
22:46
00:14
01:43
03:11
04:40

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:08
07:39
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:20
19:49
21:17
22:46
00:14
01:43
03:11
04:40
04:34 05:21
11:50 12:38
23:11 00:59
16:48 18:20
12:14 13:45
15:17 16:48
12:26 14:14

दिन के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
06:08
07:09
08:10
09:11
10:12
11:13
12:14
13:15
14:16
15:17
16:18
17:19

रात के घंटे

12 · 59 मि
18:20
19:19
20:18
21:17
22:16
23:15
00:14
01:13
02:12
03:11
04:10
05:09

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
20 सितंबर 2026 की तिथि शुक्ल नवमी है।
20 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
20 सितंबर 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग सौभाग्य है।
20 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:08 पर तथा सूर्यास्त 18:20 पर होगा।
20 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 16:48–18:20 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।