सोमवार, 21 सितंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। दशमी तिथि 20:01 बजे तक, फिर एकादशी 21:43 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 07:06 (कल) बजे तक, उसके बाद श्रवण 09:08 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 16:04 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 16:27 (कल) बजे तक। तैतिल करण 06:59 बजे तक, उसके बाद गर 20:01 बजे तक, फिर वणिज 08:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:40 से 09:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल दशमी
पिछले दिन17:51उसी दिन20:01
परिवर्तिनी एकादशी
उसी दिन20:01अगले दिन21:43
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा · पाद 1
उसी दिन04:33अगले दिन07:06
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
शोभन
पिछले दिन15:21उसी दिन16:04
अतिगण्ड
उसी दिन16:04अगले दिन16:27
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
पिछले दिन17:51उसी दिन06:59
गर
उसी दिन06:59उसी दिन20:01
वणिज
उसी दिन20:01अगले दिन08:56
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल दशमी · सोम
21 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:0807:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:14 | ||
| 12:1413:45 | ||
| 13:4515:16 | ||
| 15:1616:47 | ||
| 16:4718:19 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1919:48 | ||
| 19:4821:16 | ||
| 21:1622:45 | ||
| 22:4500:14 | ||
| 00:1401:43 | ||
| 01:4303:11 | ||
| 03:1104:40 | ||
| 04:4006:09 |
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:0807:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:14 | ||
| 12:1413:45 | ||
| 13:4515:16 | ||
| 15:1616:47 | ||
| 16:4718:19 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1919:48 | ||
| 19:4821:16 | ||
| 21:1622:45 | ||
| 22:4500:14 | ||
| 00:1401:43 | ||
| 01:4303:11 | ||
| 03:1104:40 | ||
| 04:4006:09 |
| 04:34→05:21 | ||
| 11:49→12:38 | ||
| 00:01→01:47 | ||
| 07:40→09:11 | ||
| 10:42→12:14 | ||
| 13:45→15:16 | ||
| 13:24→15:10 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:0807:09 | ||
| 07:0908:10 | ||
| 08:1009:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:13 | ||
| 11:1312:14 | ||
| 12:1413:14 | ||
| 13:1414:15 | ||
| 14:1515:16 | ||
| 15:1616:17 | ||
| 16:1717:18 | ||
| 17:1818:19 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:1919:18 | ||
| 19:1820:17 | ||
| 20:1721:16 | ||
| 21:1622:15 | ||
| 22:1523:15 | ||
| 23:1500:14 | ||
| 00:1401:13 | ||
| 01:1302:12 | ||
| 02:1203:11 | ||
| 03:1104:11 | ||
| 04:1105:10 | ||
| 05:1006:09 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 21 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 21 सितंबर 2026 की तिथि शुक्ल दशमी है।
- 21 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 21 सितंबर 2026 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग शोभन है।
- 21 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:08 पर तथा सूर्यास्त 18:19 पर होगा।
- 21 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:40–09:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

