रविवार, 21 सितंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। अमावस्या तिथि 01:24 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 02:56 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 09:31 बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 11:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 19:51 बजे तक, फिर शुक्ल योग 19:57 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 12:47 बजे तक, उसके बाद नाग 01:24 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 14:07 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:47 से 18:18) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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अमावस्या
उसी दिन 00:17 अगले दिन 01:24
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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आश्विन · कार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
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पूर्व फाल्गुनी
पिछले दिन 08:05 उसी दिन 09:31
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उत्तर फाल्गुनी
उसी दिन 09:31 अगले दिन 11:23
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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शुभ
पिछले दिन 20:05 उसी दिन 19:51
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शुक्ल
उसी दिन 19:51 अगले दिन 19:57
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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चतुष्पाद
उसी दिन 00:17 उसी दिन 12:47
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नाग
उसी दिन 12:47 अगले दिन 01:24
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · रवि
21 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 31 मि| 06:09 07:40 | ||
| 07:40 09:11 | ||
| 09:11 10:42 | ||
| 10:42 12:14 | ||
| 12:14 13:45 | ||
| 13:45 15:16 | ||
| 15:16 16:47 | ||
| 16:47 18:18 |
रात के समय
8 · 1 घं 29 मि| 18:18 19:47 | ||
| 19:47 21:16 | ||
| 21:16 22:45 | ||
| 22:45 00:14 | ||
| 00:14 01:43 | ||
| 01:43 03:11 | ||
| 03:11 04:40 | ||
| 04:40 06:09 |
दिन के समय
8 · 1 घं 31 मि| 06:09 07:40 | ||
| 07:40 09:11 | ||
| 09:11 10:42 | ||
| 10:42 12:14 | ||
| 12:14 13:45 | ||
| 13:45 15:16 | ||
| 15:16 16:47 | ||
| 16:47 18:18 |
रात के समय
8 · 1 घं 29 मि| 18:18 19:47 | ||
| 19:47 21:16 | ||
| 21:16 22:45 | ||
| 22:45 00:14 | ||
| 00:14 01:43 | ||
| 01:43 03:11 | ||
| 03:11 04:40 | ||
| 04:40 06:09 |
| 04:34 → 05:21 | ||
| 11:49 → 12:38 | ||
| 02:44 → 04:26 | ||
| 16:47 → 18:18 | ||
| 12:14 → 13:45 | ||
| 15:16 → 16:47 | ||
| 16:34 → 18:15 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 1 मि| 06:09 07:09 | ||
| 07:09 08:10 | ||
| 08:10 09:11 | ||
| 09:11 10:12 | ||
| 10:12 11:13 | ||
| 11:13 12:14 | ||
| 12:14 13:14 | ||
| 13:14 14:15 | ||
| 14:15 15:16 | ||
| 15:16 16:17 | ||
| 16:17 17:18 | ||
| 17:18 18:18 |
रात के घंटे
12 · 59 मि| 18:18 19:18 | ||
| 19:18 20:17 | ||
| 20:17 21:16 | ||
| 21:16 22:15 | ||
| 22:15 23:15 | ||
| 23:15 00:14 | ||
| 00:14 01:13 | ||
| 01:13 02:12 | ||
| 02:12 03:11 | ||
| 03:11 04:11 | ||
| 04:11 05:10 | ||
| 05:10 06:09 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 21 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 21 सितंबर 2025 की तिथि अमावस्या है।
- 21 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 21 सितंबर 2025 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग शुभ है।
- 21 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:09 पर तथा सूर्यास्त 18:18 पर होगा।
- 21 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:47–18:18 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।