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Kundli GPT

शनिवार, 20 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। चतुर्दशी तिथि 00:17 (कल) बजे तक, फिर अमावस्या 01:24 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 08:05 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 09:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 20:05 बजे तक, फिर शुभ योग 19:51 (कल) बजे तक। विष्टि करण 11:53 बजे तक, उसके बाद शकुनि 00:17 (कल) बजे तक, फिर चतुष्पाद 12:47 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:11 से 10:42) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 23:37 अगले दिन 00:17

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • आश्विन · कार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 07:05 उसी दिन 08:05

    • पूर्व फाल्गुनी

      उसी दिन 08:05 अगले दिन 09:31

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 20:40 उसी दिन 20:05

    • शुभ

      उसी दिन 20:05 अगले दिन 19:51

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:37 उसी दिन 11:53

    • शकुनि

      उसी दिन 11:53 अगले दिन 00:17

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · शनि

00 06 12 18 काल · 06:08 – 07:40 शुभ · 07:40 – 09:11 रोग · 09:11 – 10:42 उद्वेग · 10:42 – 12:14 चल · 12:14 – 13:45 लाभ · 13:45 – 15:17 अमृत · 15:17 – 16:48 काल · 16:48 – 18:20 काल · 18:20 – 19:48 लाभ · 19:48 – 21:17 उद्वेग · 21:17 – 22:46 शुभ · 22:46 – 00:14 अमृत · 00:14 – 01:43 चल · 01:43 – 03:11 रोग · 03:11 – 04:40 काल · 04:40 – 06:09 काल · 06:08 – 07:40 चल · 07:40 – 09:11 उद्योग · 09:11 – 10:42 अमृत · 10:42 – 12:14 लाभ · 12:14 – 13:45 रोग · 13:45 – 15:17 शुभ · 15:17 – 16:48 शून्य · 16:48 – 18:20 अमृत · 18:20 – 19:48 रोग · 19:48 – 21:17 शून्य · 21:17 – 22:46 उद्योग · 22:46 – 00:14 शुभ · 00:14 – 01:43 लाभ · 01:43 – 03:11 चल · 03:11 – 04:40 काल · 04:40 – 06:09 ब्रह्म मुहूर्त · 04:34 – 05:21 अभिजित मुहूर्त · 11:49 – 12:38 अमृत काल · 05:35 – 07:15 राहु काल · 09:11 – 10:42 यमगण्ड काल · 13:45 – 15:17 गुलिक काल · 06:08 – 07:40 वर्ज्यम् · 19:35 – 21:15 शनि · 06:08 – 07:09 गुरु · 07:09 – 08:10 मंगल · 08:10 – 09:11 सूर्य · 09:11 – 10:12 शुक्र · 10:12 – 11:13 बुध · 11:13 – 12:14 चंद्र · 12:14 – 13:15 शनि · 13:15 – 14:16 गुरु · 14:16 – 15:17 मंगल · 15:17 – 16:18 सूर्य · 16:18 – 17:19 शुक्र · 17:19 – 18:20 बुध · 18:20 – 19:19 चंद्र · 19:19 – 20:18 शनि · 20:18 – 21:17 गुरु · 21:17 – 22:16 मंगल · 22:16 – 23:15 सूर्य · 23:15 – 00:14 शुक्र · 00:14 – 01:13 बुध · 01:13 – 02:12 चंद्र · 02:12 – 03:11 शनि · 03:11 – 04:10 गुरु · 04:10 – 05:09 मंगल · 05:09 – 06:09

20 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 31 मि
06:08
07:40
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:20
19:48
21:17
22:46
00:14
01:43
03:11
04:40

दिन के समय

8 · 1 घं 31 मि
06:08
07:40
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:20
19:48
21:17
22:46
00:14
01:43
03:11
04:40
04:34 05:21
11:49 12:38
05:35 07:15
09:11 10:42
13:45 15:17
06:08 07:40
19:35 21:15

दिन के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
06:08
07:09
08:10
09:11
10:12
11:13
12:14
13:15
14:16
15:17
16:18
17:19

रात के घंटे

12 · 59 मि
18:20
19:19
20:18
21:17
22:16
23:15
00:14
01:13
02:12
03:11
04:10
05:09

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
20 सितंबर 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
20 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
20 सितंबर 2025 का नक्षत्र मघा और योग साध्य है।
20 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:08 पर तथा सूर्यास्त 18:20 पर होगा।
20 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:11–10:42 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।