गुरुवार, 10 सितंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। चतुर्दशी तिथि 10:33 बजे तक, फिर अमावस्या 08:56 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 14:04 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 13:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 19:16 बजे तक, फिर साध्य योग 17:00 (कल) बजे तक। शकुनि करण 10:33 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 21:42 बजे तक, फिर नाग 08:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:51 से 15:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन12:31उसी दिन10:33
अमावस्या
उसी दिन10:33अगले दिन08:56
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
मघा
पिछले दिन15:13उसी दिन14:04
पूर्व फाल्गुनी
उसी दिन14:04अगले दिन13:15
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सिद्ध
पिछले दिन21:51उसी दिन19:16
साध्य
उसी दिन19:16अगले दिन17:00
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
शकुनि
पिछले दिन23:30उसी दिन10:33
चतुष्पाद
उसी दिन10:33उसी दिन21:42
नाग
उसी दिन21:42अगले दिन08:56
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · गुरु
10 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:0307:37 | ||
| 07:3709:10 | ||
| 09:1010:44 | ||
| 10:4412:18 | ||
| 12:1813:51 | ||
| 13:5115:25 | ||
| 15:2516:58 | ||
| 16:5818:32 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3219:58 | ||
| 19:5821:25 | ||
| 21:2522:51 | ||
| 22:5100:18 | ||
| 00:1801:44 | ||
| 01:4403:11 | ||
| 03:1104:37 | ||
| 04:3706:04 |
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:0307:37 | ||
| 07:3709:10 | ||
| 09:1010:44 | ||
| 10:4412:18 | ||
| 12:1813:51 | ||
| 13:5115:25 | ||
| 15:2516:58 | ||
| 16:5818:32 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3219:58 | ||
| 19:5821:25 | ||
| 21:2522:51 | ||
| 22:5100:18 | ||
| 00:1801:44 | ||
| 01:4403:11 | ||
| 03:1104:37 | ||
| 04:3706:04 |
| 04:31→05:17 | ||
| 11:53→12:42 | ||
| 11:46→13:18 | ||
| 13:51→15:25 | ||
| 06:03→07:37 | ||
| 09:10→10:44 | ||
| 02:38→04:10 |
दिन के घंटे
12·1 घं 2 मि| 06:0307:05 | ||
| 07:0508:08 | ||
| 08:0809:10 | ||
| 09:1010:13 | ||
| 10:1311:15 | ||
| 11:1512:18 | ||
| 12:1813:20 | ||
| 13:2014:22 | ||
| 14:2215:25 | ||
| 15:2516:27 | ||
| 16:2717:30 | ||
| 17:3018:32 |
रात के घंटे
12·58 मि| 18:3219:30 | ||
| 19:3020:27 | ||
| 20:2721:25 | ||
| 21:2522:22 | ||
| 22:2223:20 | ||
| 23:2000:18 | ||
| 00:1801:15 | ||
| 01:1502:13 | ||
| 02:1303:11 | ||
| 03:1104:08 | ||
| 04:0805:06 | ||
| 05:0606:04 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 10 सितंबर 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 10 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 10 सितंबर 2026 का नक्षत्र मघा और योग सिद्ध है।
- 10 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:03 पर तथा सूर्यास्त 18:32 पर होगा।
- 10 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:51–15:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

