सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। दशमी तिथि 02:07 (कल) बजे तक, फिर एकादशी 00:34 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 23:08 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 22:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शिव 09:50 बजे तक, फिर सिद्ध योग 07:19 (कल) बजे तक। वणिज करण 14:59 बजे तक, उसके बाद विष्टि 02:07 (कल) बजे तक, फिर बव 13:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:44 से 09:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण दशमी
उसी दिन 03:54 अगले दिन 02:07
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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आश्विन · कार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
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पुष्य
उसी दिन 00:13 उसी दिन 23:08
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आश्लेषा
उसी दिन 23:08 अगले दिन 22:17
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
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शिव
पिछले दिन 12:31 उसी दिन 09:50
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सिद्ध
उसी दिन 09:50 अगले दिन 07:19
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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वणिज
उसी दिन 03:54 उसी दिन 14:59
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विष्टि
उसी दिन 14:59 अगले दिन 02:07
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · सोम
5 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 28 मि| 06:16 07:44 | ||
| 07:44 09:12 | ||
| 09:12 10:41 | ||
| 10:41 12:09 | ||
| 12:09 13:37 | ||
| 13:37 15:06 | ||
| 15:06 16:34 | ||
| 16:34 18:02 |
रात के समय
8 · 1 घं 32 मि| 18:02 19:34 | ||
| 19:34 21:06 | ||
| 21:06 22:37 | ||
| 22:37 00:09 | ||
| 00:09 01:41 | ||
| 01:41 03:13 | ||
| 03:13 04:44 | ||
| 04:44 06:16 |
दिन के समय
8 · 1 घं 28 मि| 06:16 07:44 | ||
| 07:44 09:12 | ||
| 09:12 10:41 | ||
| 10:41 12:09 | ||
| 12:09 13:37 | ||
| 13:37 15:06 | ||
| 15:06 16:34 | ||
| 16:34 18:02 |
रात के समय
8 · 1 घं 32 मि| 18:02 19:34 | ||
| 19:34 21:06 | ||
| 21:06 22:37 | ||
| 22:37 00:09 | ||
| 00:09 01:41 | ||
| 01:41 03:13 | ||
| 03:13 04:44 | ||
| 04:44 06:16 |
| 04:38 → 05:27 | ||
| 11:45 → 12:32 | ||
| 17:01 → 18:33 | ||
| 07:44 → 09:12 | ||
| 10:41 → 12:09 | ||
| 13:37 → 15:06 | ||
| 07:51 → 09:23 |
दिन के घंटे
12 · 59 मि| 06:16 07:15 | ||
| 07:15 08:13 | ||
| 08:13 09:12 | ||
| 09:12 10:11 | ||
| 10:11 11:10 | ||
| 11:10 12:09 | ||
| 12:09 13:08 | ||
| 13:08 14:07 | ||
| 14:07 15:06 | ||
| 15:06 16:04 | ||
| 16:04 17:03 | ||
| 17:03 18:02 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 1 मि| 18:02 19:03 | ||
| 19:03 20:05 | ||
| 20:05 21:06 | ||
| 21:06 22:07 | ||
| 22:07 23:08 | ||
| 23:08 00:09 | ||
| 00:09 01:10 | ||
| 01:10 02:12 | ||
| 02:12 03:13 | ||
| 03:13 04:14 | ||
| 04:14 05:15 | ||
| 05:15 06:16 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
- 5 अक्टूबर 2026 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 5 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 5 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र पुष्य और योग शिव है।
- 5 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:16 पर तथा सूर्यास्त 18:02 पर होगा।
- 5 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:44–09:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।