रविवार, 5 अक्टूबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। त्रयोदशी तिथि 15:04 बजे तक, फिर चतुर्दशी 12:24 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 08:00 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 06:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 16:33 बजे तक, फिर वृद्धि योग 13:12 (कल) बजे तक। तैतिल करण 15:04 बजे तक, उसके बाद गर 01:48 (कल) बजे तक, फिर वणिज 12:24 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:34 से 18:02) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन17:09उसी दिन15:04
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन15:04अगले दिन12:24
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा
पिछले दिन09:08उसी दिन08:00
पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन08:00अगले दिन06:15
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
गण्ड
पिछले दिन19:25उसी दिन16:33
वृद्धि
उसी दिन16:33अगले दिन13:12
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
उसी दिन04:11उसी दिन15:04
गर
उसी दिन15:04अगले दिन01:48
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · रवि
5 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1607:44 | ||
| 07:4409:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:09 | ||
| 12:0913:37 | ||
| 13:3715:05 | ||
| 15:0516:34 | ||
| 16:3418:02 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0219:34 | ||
| 19:3421:06 | ||
| 21:0622:37 | ||
| 22:3700:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:16 |
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1607:44 | ||
| 07:4409:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:09 | ||
| 12:0913:37 | ||
| 13:3715:05 | ||
| 15:0516:34 | ||
| 16:3418:02 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0219:34 | ||
| 19:3421:06 | ||
| 21:0622:37 | ||
| 22:3700:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:16 |
| 04:38→05:27 | ||
| 11:45→12:32 | ||
| 01:09→02:40 | ||
| 16:34→18:02 | ||
| 12:09→13:37 | ||
| 15:05→16:34 | ||
| 16:00→17:31 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:1607:15 | ||
| 07:1508:13 | ||
| 08:1309:12 | ||
| 09:1210:11 | ||
| 10:1111:10 | ||
| 11:1012:09 | ||
| 12:0913:08 | ||
| 13:0814:07 | ||
| 14:0715:05 | ||
| 15:0516:04 | ||
| 16:0417:03 | ||
| 17:0318:02 |
रात के घंटे
12·1 घं 1 मि| 18:0219:03 | ||
| 19:0320:04 | ||
| 20:0421:06 | ||
| 21:0622:07 | ||
| 22:0723:08 | ||
| 23:0800:09 | ||
| 00:0901:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:14 | ||
| 04:1405:15 | ||
| 05:1506:16 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
- 5 अक्टूबर 2025 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 5 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 5 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र शतभिषा और योग गण्ड है।
- 5 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:16 पर तथा सूर्यास्त 18:02 पर होगा।
- 5 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:34–18:02 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

