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Kundli GPT

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। पंचमी तिथि 12:35 बजे तक, फिर षष्ठी 10:15 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 04:26 (कल) बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 02:54 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 21:17 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 18:16 (कल) बजे तक। तैतिल करण 12:35 बजे तक, उसके बाद गर 23:25 बजे तक, फिर वणिज 10:15 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:39 से 15:09) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 14:55 उसी दिन 12:35

    • कृष्ण षष्ठी

      उसी दिन 12:35 अगले दिन 10:15

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • आश्विन · कार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी · पाद 1

      उसी दिन 06:02 अगले दिन 04:26

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • सिद्धि

      उसी दिन 00:19 उसी दिन 21:17

    • व्यतीपात

      उसी दिन 21:17 अगले दिन 18:16

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      उसी दिन 01:45 उसी दिन 12:35

    • गर

      उसी दिन 12:35 उसी दिन 23:25

    • वणिज

      उसी दिन 23:25 अगले दिन 10:15

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:13 – 07:43 रोग · 07:43 – 09:12 उद्वेग · 09:12 – 10:41 चल · 10:41 – 12:10 लाभ · 12:10 – 13:39 अमृत · 13:39 – 15:09 काल · 15:09 – 16:38 शुभ · 16:38 – 18:07 अमृत · 18:07 – 19:38 चल · 19:38 – 21:09 रोग · 21:09 – 22:40 काल · 22:40 – 00:10 लाभ · 00:10 – 01:41 उद्वेग · 01:41 – 03:12 शुभ · 03:12 – 04:43 अमृत · 04:43 – 06:14 शुभ · 06:13 – 07:43 रोग · 07:43 – 09:12 शून्य · 09:12 – 10:41 लाभ · 10:41 – 12:10 काल · 12:10 – 13:39 चल · 13:39 – 15:09 उद्योग · 15:09 – 16:38 अमृत · 16:38 – 18:07 लाभ · 18:07 – 19:38 चल · 19:38 – 21:09 शुभ · 21:09 – 22:40 उद्योग · 22:40 – 00:10 अमृत · 00:10 – 01:41 शून्य · 01:41 – 03:12 रोग · 03:12 – 04:43 काल · 04:43 – 06:14 ब्रह्म मुहूर्त · 04:37 – 05:25 अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:34 अमृत काल · 01:27 – 02:57 राहु काल · 13:39 – 15:09 यमगण्ड काल · 06:13 – 07:43 गुलिक काल · 09:12 – 10:41 वर्ज्यम् · 20:58 – 22:28 गुरु · 06:13 – 07:13 मंगल · 07:13 – 08:12 सूर्य · 08:12 – 09:12 शुक्र · 09:12 – 10:11 बुध · 10:11 – 11:11 चंद्र · 11:11 – 12:10 शनि · 12:10 – 13:10 गुरु · 13:10 – 14:09 मंगल · 14:09 – 15:09 सूर्य · 15:09 – 16:08 शुक्र · 16:08 – 17:07 बुध · 17:07 – 18:07 चंद्र · 18:07 – 19:07 शनि · 19:07 – 20:08 गुरु · 20:08 – 21:09 मंगल · 21:09 – 22:09 सूर्य · 22:09 – 23:10 शुक्र · 23:10 – 00:10 बुध · 00:10 – 01:11 चंद्र · 01:11 – 02:12 शनि · 02:12 – 03:12 गुरु · 03:12 – 04:13 मंगल · 04:13 – 05:13 सूर्य · 05:13 – 06:14

1 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:13
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:09
16:38

रात के समय

8 · 1 घं 31 मि
18:07
19:38
21:09
22:40
00:10
01:41
03:12
04:43

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:13
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:09
16:38

रात के समय

8 · 1 घं 31 मि
18:07
19:38
21:09
22:40
00:10
01:41
03:12
04:43
04:37 05:25
11:46 12:34
01:27 02:57
13:39 15:09
06:13 07:43
09:12 10:41
20:58 22:28

दिन के घंटे

12 · 59 मि
06:13
07:13
08:12
09:12
10:11
11:11
12:10
13:10
14:09
15:09
16:08
17:07

रात के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
18:07
19:07
20:08
21:09
22:09
23:10
00:10
01:11
02:12
03:12
04:13
05:13

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
1 अक्टूबर 2026 की तिथि कृष्ण पंचमी है।
1 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
1 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र रोहिणी और योग सिद्धि है।
1 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:13 पर तथा सूर्यास्त 18:07 पर होगा।
1 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:39–15:09 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।