Skip to main content

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 23:28 बजे तक, फिर चतुर्थी 01:13 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 01:42 (कल) बजे तक, उसके बाद अनुराधा 04:02 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 20:22 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 20:37 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:46 बजे तक, उसके बाद गर 23:28 बजे तक, फिर वणिज 12:17 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:00 से 16:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन22:13उसी दिन23:28

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन23:28अगले दिन01:13

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा · पाद 2

      पिछले दिन23:51अगले दिन01:42

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • प्रीति

      पिछले दिन20:31उसी दिन20:22

    • आयुष्मान्

      उसी दिन20:22अगले दिन20:37

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन22:13उसी दिन10:46

    • गर

      उसी दिन10:46उसी दिन23:28

    • वणिज

      उसी दिन23:28अगले दिन12:17

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · मंगल

00061218रोग · 06:20 – 07:47उद्वेग · 07:47 – 09:13चल · 09:13 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:07अमृत · 12:07 – 13:33काल · 13:33 – 15:00शुभ · 15:00 – 16:27रोग · 16:27 – 17:53लाभ · 17:53 – 19:27उद्वेग · 19:27 – 21:00शुभ · 21:00 – 22:34अमृत · 22:34 – 00:07चल · 00:07 – 01:40रोग · 01:40 – 03:14काल · 03:14 – 04:47लाभ · 04:47 – 06:21रोग · 06:20 – 07:47काल · 07:47 – 09:13लाभ · 09:13 – 10:40उद्योग · 10:40 – 12:07चल · 12:07 – 13:33अमृत · 13:33 – 15:00शून्य · 15:00 – 16:27शुभ · 16:27 – 17:53काल · 17:53 – 19:27शून्य · 19:27 – 21:00रोग · 21:00 – 22:34लाभ · 22:34 – 00:07अमृत · 00:07 – 01:40उद्योग · 01:40 – 03:14चल · 03:14 – 04:47शुभ · 04:47 – 06:21ब्रह्म मुहूर्त · 04:41 – 05:30अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:30अमृत काल · 16:13 – 17:57राहु काल · 15:00 – 16:27यमगण्ड काल · 09:13 – 10:40गुलिक काल · 12:07 – 13:33वर्ज्यम् · 05:53 – 07:36मंगल · 06:20 – 07:18सूर्य · 07:18 – 08:16शुक्र · 08:16 – 09:13बुध · 09:13 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:09शनि · 11:09 – 12:07गुरु · 12:07 – 13:05मंगल · 13:05 – 14:02सूर्य · 14:02 – 15:00शुक्र · 15:00 – 15:58बुध · 15:58 – 16:56चंद्र · 16:56 – 17:53शनि · 17:53 – 18:56गुरु · 18:56 – 19:58मंगल · 19:58 – 21:00सूर्य · 21:00 – 22:03शुक्र · 22:03 – 23:05बुध · 23:05 – 00:07चंद्र · 00:07 – 01:09शनि · 01:09 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:14मंगल · 03:14 – 04:16सूर्य · 04:16 – 05:18शुक्र · 05:18 – 06:21

13 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 27 मि
06:20
07:47
09:13
10:40
12:07
13:33
15:00
16:27

रात के समय

8·1 घं 33 मि
17:53
19:27
21:00
22:34
00:07
01:40
03:14
04:47

दिन के समय

8·1 घं 27 मि
06:20
07:47
09:13
10:40
12:07
13:33
15:00
16:27

रात के समय

8·1 घं 33 मि
17:53
19:27
21:00
22:34
00:07
01:40
03:14
04:47
04:4105:30
11:4412:30
16:1317:57
15:0016:27
09:1310:40
12:0713:33
05:5307:36

दिन के घंटे

12·58 मि
06:20
07:18
08:16
09:13
10:11
11:09
12:07
13:05
14:02
15:00
15:58
16:56

रात के घंटे

12·1 घं 2 मि
17:53
18:56
19:58
21:00
22:03
23:05
00:07
01:09
02:12
03:14
04:16
05:18

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
13 अक्टूबर 2026 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
13 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
13 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र विशाखा और योग प्रीति है।
13 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:20 पर तथा सूर्यास्त 17:53 पर होगा।
13 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:00–16:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।