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Kundli GPT

रविवार, 18 अक्टूबर 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। सप्तमी तिथि 08:28 बजे तक, फिर अष्टमी 10:52 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 12:48 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 15:38 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 23:54 बजे तक, फिर धृति योग 00:33 (कल) बजे तक। वणिज करण 08:28 बजे तक, उसके बाद विष्टि 21:42 बजे तक, फिर बव 10:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:23 से 17:48) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल सप्तमी

      पिछले दिन 05:54 उसी दिन 08:28

    • शुक्ल अष्टमी

      उसी दिन 08:28 अगले दिन 10:52

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 09:46 उसी दिन 12:48

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 12:48 अगले दिन 15:38

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 23:01 उसी दिन 23:54

    • धृति

      उसी दिन 23:54 अगले दिन 00:33

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 19:11 उसी दिन 08:28

    • विष्टि

      उसी दिन 08:28 उसी दिन 21:42

    • बव

      उसी दिन 21:42 अगले दिन 10:52

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल सप्तमी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 06:23 – 07:49 चल · 07:49 – 09:14 लाभ · 09:14 – 10:40 अमृत · 10:40 – 12:06 काल · 12:06 – 13:31 शुभ · 13:31 – 14:57 रोग · 14:57 – 16:23 उद्वेग · 16:23 – 17:48 शुभ · 17:48 – 19:23 अमृत · 19:23 – 20:57 चल · 20:57 – 22:32 रोग · 22:32 – 00:06 काल · 00:06 – 01:40 लाभ · 01:40 – 03:15 उद्वेग · 03:15 – 04:49 शुभ · 04:49 – 06:24 उद्योग · 06:23 – 07:49 अमृत · 07:49 – 09:14 काल · 09:14 – 10:40 शुभ · 10:40 – 12:06 रोग · 12:06 – 13:31 शून्य · 13:31 – 14:57 लाभ · 14:57 – 16:23 चल · 16:23 – 17:48 शून्य · 17:48 – 19:23 लाभ · 19:23 – 20:57 चल · 20:57 – 22:32 रोग · 22:32 – 00:06 काल · 00:06 – 01:40 शुभ · 01:40 – 03:15 अमृत · 03:15 – 04:49 उद्योग · 04:49 – 06:24 ब्रह्म मुहूर्त · 04:43 – 05:33 अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:29 अमृत काल · 07:23 – 09:12 राहु काल · 16:23 – 17:48 यमगण्ड काल · 12:06 – 13:31 गुलिक काल · 14:57 – 16:23 वर्ज्यम् · 20:35 – 22:23 सूर्य · 06:23 – 07:20 शुक्र · 07:20 – 08:17 बुध · 08:17 – 09:14 चंद्र · 09:14 – 10:11 शनि · 10:11 – 11:09 गुरु · 11:09 – 12:06 मंगल · 12:06 – 13:03 सूर्य · 13:03 – 14:00 शुक्र · 14:00 – 14:57 बुध · 14:57 – 15:54 चंद्र · 15:54 – 16:51 शनि · 16:51 – 17:48 गुरु · 17:48 – 18:51 मंगल · 18:51 – 19:54 सूर्य · 19:54 – 20:57 शुक्र · 20:57 – 22:00 बुध · 22:00 – 23:03 चंद्र · 23:03 – 00:06 शनि · 00:06 – 01:09 गुरु · 01:09 – 02:12 मंगल · 02:12 – 03:15 सूर्य · 03:15 – 04:18 शुक्र · 04:18 – 05:21 बुध · 05:21 – 06:24

18 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात के समय

8 · 1 घं 34 मि
17:48
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49

दिन के समय

8 · 1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात के समय

8 · 1 घं 34 मि
17:48
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49
04:43 05:33
11:43 12:29
07:23 09:12
16:23 17:48
12:06 13:31
14:57 16:23
20:35 22:23

दिन के घंटे

12 · 57 मि
06:23
07:20
08:17
09:14
10:11
11:09
12:06
13:03
14:00
14:57
15:54
16:51

रात के घंटे

12 · 1 घं 3 मि
17:48
18:51
19:54
20:57
22:00
23:03
00:06
01:09
02:12
03:15
04:18
05:21

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
18 अक्टूबर 2026 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
18 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
18 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग सुकर्मा है।
18 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर तथा सूर्यास्त 17:48 पर होगा।
18 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 16:23–17:48 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।