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Kundli GPT

रविवार, 20 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। तृतीया तिथि 06:46 बजे तक, फिर चतुर्थी 04:17 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 08:31 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 06:50 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 14:10 बजे तक, फिर वरीयान् योग 11:10 (कल) बजे तक। विष्टि करण 06:46 बजे तक, उसके बाद बव 17:27 बजे तक, फिर बालव 04:17 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:21 से 17:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 09:49 उसी दिन 06:46

    • कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन 06:46 अगले दिन 04:17

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 10:46 उसी दिन 08:31

    • रोहिणी

      उसी दिन 08:31 अगले दिन 06:50

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 17:40 उसी दिन 14:10

    • वरीयान्

      उसी दिन 14:10 अगले दिन 11:10

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:14 उसी दिन 06:46

    • बव

      उसी दिन 06:46 उसी दिन 17:27

    • बालव

      उसी दिन 17:27 अगले दिन 04:17

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 06:25 – 07:50 चल · 07:50 – 09:15 लाभ · 09:15 – 10:40 अमृत · 10:40 – 12:05 काल · 12:05 – 13:30 शुभ · 13:30 – 14:55 रोग · 14:55 – 16:21 उद्वेग · 16:21 – 17:46 शुभ · 17:46 – 19:21 अमृत · 19:21 – 20:56 चल · 20:56 – 22:31 रोग · 22:31 – 00:06 काल · 00:06 – 01:40 लाभ · 01:40 – 03:15 उद्वेग · 03:15 – 04:50 शुभ · 04:50 – 06:25 उद्योग · 06:25 – 07:50 अमृत · 07:50 – 09:15 काल · 09:15 – 10:40 शुभ · 10:40 – 12:05 रोग · 12:05 – 13:30 शून्य · 13:30 – 14:55 लाभ · 14:55 – 16:21 चल · 16:21 – 17:46 शून्य · 17:46 – 19:21 लाभ · 19:21 – 20:56 चल · 20:56 – 22:31 रोग · 22:31 – 00:06 काल · 00:06 – 01:40 शुभ · 01:40 – 03:15 अमृत · 03:15 – 04:50 उद्योग · 04:50 – 06:25 ब्रह्म मुहूर्त · 04:44 – 05:34 अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:28 अमृत काल · 06:20 – 07:47 राहु काल · 16:21 – 17:46 यमगण्ड काल · 12:05 – 13:30 गुलिक काल · 14:55 – 16:21 वर्ज्यम् · 21:38 – 23:05 सूर्य · 06:25 – 07:21 शुक्र · 07:21 – 08:18 बुध · 08:18 – 09:15 चंद्र · 09:15 – 10:12 शनि · 10:12 – 11:08 गुरु · 11:08 – 12:05 मंगल · 12:05 – 13:02 सूर्य · 13:02 – 13:59 शुक्र · 13:59 – 14:55 बुध · 14:55 – 15:52 चंद्र · 15:52 – 16:49 शनि · 16:49 – 17:46 गुरु · 17:46 – 18:49 मंगल · 18:49 – 19:52 सूर्य · 19:52 – 20:56 शुक्र · 20:56 – 21:59 बुध · 21:59 – 23:02 चंद्र · 23:02 – 00:06 शनि · 00:06 – 01:09 गुरु · 01:09 – 02:12 मंगल · 02:12 – 03:15 सूर्य · 03:15 – 04:19 शुक्र · 04:19 – 05:22 बुध · 05:22 – 06:25

20 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 25 मि
06:25
07:50
09:15
10:40
12:05
13:30
14:55
16:21

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50

दिन के समय

8 · 1 घं 25 मि
06:25
07:50
09:15
10:40
12:05
13:30
14:55
16:21

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50
04:44 05:34
11:42 12:28
06:20 07:47
16:21 17:46
12:05 13:30
14:55 16:21
21:38 23:05

दिन के घंटे

12 · 57 मि
06:25
07:21
08:18
09:15
10:12
11:08
12:05
13:02
13:59
14:55
15:52
16:49

रात के घंटे

12 · 1 घं 3 मि
17:46
18:49
19:52
20:56
21:59
23:02
00:06
01:09
02:12
03:15
04:19
05:22

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
20 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
20 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
20 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र कृत्तिका और योग व्यतीपात है।
20 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:25 पर तथा सूर्यास्त 17:46 पर होगा।
20 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 16:21–17:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।