सोमवार, 21 अक्टूबर 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। पंचमी तिथि कल तड़के तक है, फिर षष्ठी शुरू होगी। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मृगशिरा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:42 से 12:28 बजे तक, और राहु काल में न करें, 07:50 से 09:15 बजे तक। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
कृष्ण पंचमी
उसी दिन 04:17 अगले दिन 02:29 तक
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
-
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
-
रोहिणी
पिछले दिन 08:31 उसी दिन 06:50 तक
-
फिर
मृगशिरा
उसी दिन 06:50 अगले दिन 05:50
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
-
-
वरीयान्
पिछले दिन 14:10 उसी दिन 11:10 तक
-
फिर
परिघ
उसी दिन 11:10 अगले दिन 08:45
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
-
-
कौलव
उसी दिन 04:17 उसी दिन 15:18 तक
-
फिर
तैतिल
उसी दिन 15:18 अगले दिन 02:29
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण पंचमी · सोम
21 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2507:50 | ||
| 07:5009:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:30 | ||
| 13:3014:55 | ||
| 14:5516:20 | ||
| 16:2017:45 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4519:20 | ||
| 19:2020:55 | ||
| 20:5522:30 | ||
| 22:3000:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:51 | ||
| 04:5106:26 |
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2507:50 | ||
| 07:5009:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:30 | ||
| 13:3014:55 | ||
| 14:5516:20 | ||
| 16:2017:45 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4519:20 | ||
| 19:2020:55 | ||
| 20:5522:30 | ||
| 22:3000:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:51 | ||
| 04:5106:26 |
| 04:44→05:35 | ||
| 11:42→12:28 | ||
| 03:51→05:20 | ||
| 07:50→09:15 | ||
| 10:40→12:05 | ||
| 13:30→14:55 | ||
| 23:23→00:53 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:2507:22 | ||
| 07:2208:19 | ||
| 08:1909:15 | ||
| 09:1510:12 | ||
| 10:1211:08 | ||
| 11:0812:05 | ||
| 12:0513:02 | ||
| 13:0213:58 | ||
| 13:5814:55 | ||
| 14:5515:52 | ||
| 15:5216:48 | ||
| 16:4817:45 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 17:4518:48 | ||
| 18:4819:52 | ||
| 19:5220:55 | ||
| 20:5521:59 | ||
| 21:5923:02 | ||
| 23:0200:05 | ||
| 00:0501:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:16 | ||
| 03:1604:19 | ||
| 04:1905:23 | ||
| 05:2306:26 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 21 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
- 21 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण पंचमी है।
- 21 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 21 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग वरीयान् है।
- 21 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:25 पर तथा सूर्यास्त 17:45 पर होगा।
- 21 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 07:50–09:15 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



