मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 27 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। आज धनतेरस और काली चौदस हैं। आज मासिक शिवरात्रि व्रत रखा जाता है। त्रयोदशी तिथि रात तक है, फिर चतुर्दशी शुरू होगी। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर हस्त में। राहु काल में नया काम न करें, 12:04 से 13:28 बजे तक। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस तिथि के पर्व

बुधवार, 27 अक्टूबर

धनतेरस

धनत्रयोदशी

प्रदोष काल17:40 – 20:04

यम दीप और धन्वंतरि पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में; ख़रीदारी दिन भर की जाती है।

पाँच दिवसीय दीपावली की पहली संध्या — काली चौदस से एक शाम पहले, प्रदोष काल में जब त्रयोदशी तिथि हो। सोना-चाँदी या नया बर्तन ख़रीदा जाता है, यम के लिए दीप रखा जाता है और आरोग्य देवता धन्वंतरि की पूजा होती है।

इस दिन के अन्य पर्व

  • यम दीपदान

    अन्य नाम: यम दीप दान

    धनतेरस की संध्या को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के लिए एक दीप रखा जाता है, ताकि वर्ष भर परिवार अकाल मृत्यु से सुरक्षित रहे।

  • धन्वंतरि जयंती

    अन्य नाम: धन्वंतरि त्रयोदशी

    समुद्र मंथन में इसी त्रयोदशी को देवताओं के वैद्य धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। वैद्य और गृहस्थ आरोग्य के लिए उनकी पूजा करते हैं; भारत इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाता है।

काली चौदस

काली चतुर्दशी

निशीथ काल23:39 – 00:30

निशीथ काल — मध्यरात्रि — में चतुर्दशी रहते मनाया जाता है: हनुमान पूजन और अशुभ शक्तियों का निवारण।

गुजरातराजस्थानमहाराष्ट्रअन्य नाम: भूत चतुर्दशी

गुजरात और राजस्थान में दीपावली से पहले की रात — कृष्ण चतुर्दशी की निशीथ बेला में माँ काली की पूजा कर भय और दुर्भाग्य दूर किए जाते हैं; उसी रात हनुमान जी को तेल, सिंदूर और वड़ा अर्पित किया जाता है।

इस दिन के अन्य पर्व

  • हनुमान पूजा

    गुजरात

    काली चौदस की रात गुजरात में हनुमान जी को तेल, सिंदूर, वड़ा और मिठाई अर्पित कर दीपावली से पहले भय और बुराई से रक्षा व बल की कामना की जाती है।

मासिक शिवरात्रि

व्रत

निशीथ काल23:39 – 00:30

पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में, चतुर्दशी रहते की जाती है।

हर कृष्ण चतुर्दशी को, जब तिथि मध्यरात्रि में हो, मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं; माघ मास की शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      उसी दिन 01:03 उसी दिन 22:50 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन 22:50 अगले दिन 20:48

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 14:33 उसी दिन 13:00 तक

    • फिर

      हस्त

      उसी दिन 13:00 अगले दिन 11:35

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 11:42 उसी दिन 08:40 तक

    • फिर

      वैधृति

      उसी दिन 08:40 अगले दिन 05:44

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      उसी दिन 01:03 उसी दिन 11:56 तक

    • फिर

      वणिज

      उसी दिन 11:56 उसी दिन 22:50

    • फिर

      विष्टि

      उसी दिन 22:50 अगले दिन 09:47

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · बुध

00061218लाभ · 06:29 – 07:53अमृत · 07:53 – 09:17काल · 09:17 – 10:40शुभ · 10:40 – 12:04रोग · 12:04 – 13:28उद्वेग · 13:28 – 14:52चल · 14:52 – 16:16लाभ · 16:16 – 17:40उद्वेग · 17:40 – 19:16शुभ · 19:16 – 20:52अमृत · 20:52 – 22:29चल · 22:29 – 00:05रोग · 00:05 – 01:41काल · 01:41 – 03:17लाभ · 03:17 – 04:53उद्वेग · 04:53 – 06:29लाभ · 06:29 – 07:53शुभ · 07:53 – 09:17अमृत · 09:17 – 10:40चल · 10:40 – 12:04उद्योग · 12:04 – 13:28शून्य · 13:28 – 14:52रोग · 14:52 – 16:16काल · 16:16 – 17:40शून्य · 17:40 – 19:16रोग · 19:16 – 20:52काल · 20:52 – 22:29शुभ · 22:29 – 00:05चल · 00:05 – 01:41अमृत · 01:41 – 03:17उद्योग · 03:17 – 04:53लाभ · 04:53 – 06:29ब्रह्म मुहूर्त · 04:46 – 05:38अमृत काल · 06:16 – 07:45राहु काल · 12:04 – 13:28यमगण्ड काल · 07:53 – 09:17गुलिक काल · 10:40 – 12:04वर्ज्यम् · 21:17 – 22:47बुध · 06:29 – 07:25चंद्र · 07:25 – 08:21शनि · 08:21 – 09:17गुरु · 09:17 – 10:13मंगल · 10:13 – 11:08सूर्य · 11:08 – 12:04शुक्र · 12:04 – 13:00बुध · 13:00 – 13:56चंद्र · 13:56 – 14:52शनि · 14:52 – 15:48गुरु · 15:48 – 16:44मंगल · 16:44 – 17:40सूर्य · 17:40 – 18:44शुक्र · 18:44 – 19:48बुध · 19:48 – 20:52चंद्र · 20:52 – 21:56शनि · 21:56 – 23:01गुरु · 23:01 – 00:05मंगल · 00:05 – 01:09सूर्य · 01:09 – 02:13शुक्र · 02:13 – 03:17बुध · 03:17 – 04:21चंद्र · 04:21 – 05:25शनि · 05:25 – 06:29

27 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
06:29
07:53
09:17
10:40
12:04
13:28
14:52
16:16

रात के समय

8·1 घं 36 मि
17:40
19:16
20:52
22:29
00:05
01:41
03:17
04:53

दिन के समय

8·1 घं 24 मि
06:29
07:53
09:17
10:40
12:04
13:28
14:52
16:16

रात के समय

8·1 घं 36 मि
17:40
19:16
20:52
22:29
00:05
01:41
03:17
04:53
04:46→05:38
06:16→07:45
12:04→13:28
07:53→09:17
10:40→12:04
21:17→22:47

दिन के घंटे

12·56 मि
06:29
07:25
08:21
09:17
10:13
11:08
12:04
13:00
13:56
14:52
15:48
16:44

रात के घंटे

12·1 घं 4 मि
17:40
18:44
19:48
20:52
21:56
23:01
00:05
01:09
02:13
03:17
04:21
05:25

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
27 अक्टूबर 2027 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
27 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
27 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग ऐन्द्र है।
27 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:29 पर तथा सूर्यास्त 17:40 पर होगा।
27 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:04–13:28 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।