शरद नवरात्रि
जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।
देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित शरद ऋतु की नौ रातें, जो दशहरे पर समाप्त होती हैं। उपवास, गरबा और डांडिया के साथ मनाई जाती हैं।
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज शरद नवरात्रि है। प्रतिपदा तिथि कल तड़के तक है, फिर द्वितीया शुरू होगी। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर चित्रा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:46 से 12:33 बजे तक, और राहु काल में न करें, 13:38 से 15:07 बजे तक। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कन्या राशि में हैं।
जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।
देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित शरद ऋतु की नौ रातें, जो दशहरे पर समाप्त होती हैं। उपवास, गरबा और डांडिया के साथ मनाई जाती हैं।
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन 00:19 अगले दिन 02:58 तक
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
हस्त
पिछले दिन 12:22 उसी दिन 15:31 तक
चित्रा
उसी दिन 15:31 अगले दिन 18:37
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
ऐन्द्र
उसी दिन 03:20 अगले दिन 04:23 तक
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
किंस्तुघ्न
उसी दिन 00:19 उसी दिन 13:39 तक
बव
उसी दिन 13:39 अगले दिन 02:58
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · गुरु
3 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:1507:43 | ||
| 07:4309:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:09 | ||
| 12:0913:38 | ||
| 13:3815:07 | ||
| 15:0716:35 | ||
| 16:3518:04 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:0419:35 | ||
| 19:3521:07 | ||
| 21:0722:38 | ||
| 22:3800:10 | ||
| 00:1001:41 | ||
| 01:4103:12 | ||
| 03:1204:44 | ||
| 04:4406:15 |
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:1507:43 | ||
| 07:4309:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:09 | ||
| 12:0913:38 | ||
| 13:3815:07 | ||
| 15:0716:35 | ||
| 16:3518:04 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:0419:35 | ||
| 19:3521:07 | ||
| 21:0722:38 | ||
| 22:3800:10 | ||
| 00:1001:41 | ||
| 01:4103:12 | ||
| 03:1204:44 | ||
| 04:4406:15 |
| 04:38→05:26 | ||
| 11:46→12:33 | ||
| 08:44→10:33 | ||
| 13:38→15:07 | ||
| 06:15→07:43 | ||
| 09:12→10:41 | ||
| 21:52→23:41 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:1507:14 | ||
| 07:1408:13 | ||
| 08:1309:12 | ||
| 09:1210:11 | ||
| 10:1111:10 | ||
| 11:1012:09 | ||
| 12:0913:08 | ||
| 13:0814:08 | ||
| 14:0815:07 | ||
| 15:0716:06 | ||
| 16:0617:05 | ||
| 17:0518:04 |
रात के घंटे
12·1 घं 1 मि| 18:0419:05 | ||
| 19:0520:06 | ||
| 20:0621:07 | ||
| 21:0722:08 | ||
| 22:0823:09 | ||
| 23:0900:10 | ||
| 00:1001:11 | ||
| 01:1102:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:13 | ||
| 04:1305:14 | ||
| 05:1406:15 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
KundliGPT का उपयोग कैसे होता है, यह समझने और इसे बेहतर बनाने के लिए हम कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति ·