गुरुवार, 26 सितंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। नवमी तिथि 12:25 बजे तक, फिर दशमी 13:20 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 23:33 बजे तक, उसके बाद पुष्य 01:20 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 23:40 बजे तक, फिर शिव योग 23:32 (कल) बजे तक। गर करण 12:25 बजे तक, उसके बाद वणिज 00:48 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 13:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:42 से 15:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण नवमी
पिछले दिन12:11उसी दिन12:25
कृष्ण दशमी
उसी दिन12:25अगले दिन13:20
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
पुनर्वसु
पिछले दिन22:23उसी दिन23:33
पुष्य
उसी दिन23:33अगले दिन01:20
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
परिघ
उसी दिन00:16उसी दिन23:40
शिव
उसी दिन23:40अगले दिन23:32
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
उसी दिन00:13उसी दिन12:25
वणिज
उसी दिन12:25अगले दिन00:48
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण नवमी · गुरु
26 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
| 04:35→05:23 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 21:02→22:43 | ||
| 13:42→15:12 | ||
| 06:11→07:41 | ||
| 09:11→10:42 | ||
| 10:58→12:39 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1107:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:11 | ||
| 10:1111:12 | ||
| 11:1212:12 | ||
| 12:1213:12 | ||
| 13:1214:12 | ||
| 14:1215:12 | ||
| 15:1216:12 | ||
| 16:1217:12 | ||
| 17:1218:12 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1219:12 | ||
| 19:1220:12 | ||
| 20:1221:12 | ||
| 21:1222:12 | ||
| 22:1223:12 | ||
| 23:1200:12 | ||
| 00:1201:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:12 | ||
| 05:1206:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 26 सितंबर 2024 की तिथि कृष्ण नवमी है।
- 26 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 26 सितंबर 2024 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग परिघ है।
- 26 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:12 पर होगा।
- 26 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:42–15:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

