शुक्रवार, 26 सितंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्थी तिथि 09:33 बजे तक, फिर पंचमी 12:04 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 22:08 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 01:07 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 22:49 बजे तक, फिर प्रीति योग 23:44 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:33 बजे तक, उसके बाद बव 22:49 बजे तक, फिर बालव 12:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:42 से 12:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्थी
पिछले दिन07:06उसी दिन09:33
शुक्ल पंचमी
उसी दिन09:33अगले दिन12:04
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
विशाखा
पिछले दिन19:08उसी दिन22:08
अनुराधा
उसी दिन22:08अगले दिन01:07
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
विष्कुम्भ
पिछले दिन21:52उसी दिन22:49
प्रीति
उसी दिन22:49अगले दिन23:44
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
पिछले दिन20:18उसी दिन09:33
बव
उसी दिन09:33उसी दिन22:49
बालव
उसी दिन22:49अगले दिन12:04
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्थी · शुक्र
26 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1107:41 | ||
| 07:4109:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:12 | ||
| 12:1213:42 | ||
| 13:4215:12 | ||
| 15:1216:42 | ||
| 16:4218:12 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1219:42 | ||
| 19:4221:12 | ||
| 21:1222:42 | ||
| 22:4200:12 | ||
| 00:1201:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:12 |
| 04:35→05:23 | ||
| 11:48→12:36 | ||
| 12:14→14:02 | ||
| 10:42→12:12 | ||
| 15:12→16:42 | ||
| 07:41→09:11 | ||
| 01:26→03:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1107:11 | ||
| 07:1108:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:12 | ||
| 11:1212:12 | ||
| 12:1213:12 | ||
| 13:1214:12 | ||
| 14:1215:12 | ||
| 15:1216:12 | ||
| 16:1217:12 | ||
| 17:1218:12 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1219:12 | ||
| 19:1220:12 | ||
| 20:1221:12 | ||
| 21:1222:12 | ||
| 22:1223:12 | ||
| 23:1200:12 | ||
| 00:1201:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:12 | ||
| 05:1206:12 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 26 सितंबर 2025 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
- 26 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 26 सितंबर 2025 का नक्षत्र विशाखा और योग विष्कुम्भ है।
- 26 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:12 पर होगा।
- 26 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:42–12:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

