बुधवार, 29 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। चतुर्दशी तिथि 10:55 बजे तक, फिर अमावस्या 08:05 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 03:59 (कल) बजे तक, उसके बाद हस्त 02:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 00:25 (कल) बजे तक, फिर ब्रह्म योग 21:07 (कल) बजे तक। शकुनि करण 10:55 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 21:28 बजे तक, फिर नाग 08:05 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:11 से 13:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन 13:55 उसी दिन 10:55
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अमावस्या
उसी दिन 10:55 अगले दिन 08:05
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
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आश्विन · कार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर फाल्गुनी · पाद 1
उसी दिन 06:05 अगले दिन 03:59
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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शुक्ल
उसी दिन 03:55 अगले दिन 00:25
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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शकुनि
उसी दिन 00:24 उसी दिन 10:55
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चतुष्पाद
उसी दिन 10:55 उसी दिन 21:28
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नाग
उसी दिन 21:28 अगले दिन 08:05
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · बुध
29 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 30 मि| 06:12 07:42 | ||
| 07:42 09:12 | ||
| 09:12 10:41 | ||
| 10:41 12:11 | ||
| 12:11 13:41 | ||
| 13:41 15:10 | ||
| 15:10 16:40 | ||
| 16:40 18:09 |
रात के समय
8 · 1 घं 30 मि| 18:09 19:40 | ||
| 19:40 21:10 | ||
| 21:10 22:41 | ||
| 22:41 00:11 | ||
| 00:11 01:42 | ||
| 01:42 03:12 | ||
| 03:12 04:42 | ||
| 04:42 06:13 |
दिन के समय
8 · 1 घं 30 मि| 06:12 07:42 | ||
| 07:42 09:12 | ||
| 09:12 10:41 | ||
| 10:41 12:11 | ||
| 12:11 13:41 | ||
| 13:41 15:10 | ||
| 15:10 16:40 | ||
| 16:40 18:09 |
रात के समय
8 · 1 घं 30 मि| 18:09 19:40 | ||
| 19:40 21:10 | ||
| 21:10 22:41 | ||
| 22:41 00:11 | ||
| 00:11 01:42 | ||
| 01:42 03:12 | ||
| 03:12 04:42 | ||
| 04:42 06:13 |
| 04:36 → 05:24 | ||
| 21:25 → 22:53 | ||
| 12:11 → 13:41 | ||
| 07:42 → 09:12 | ||
| 10:41 → 12:11 | ||
| 12:39 → 14:07 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं| 06:12 07:12 | ||
| 07:12 08:12 | ||
| 08:12 09:12 | ||
| 09:12 10:11 | ||
| 10:11 11:11 | ||
| 11:11 12:11 | ||
| 12:11 13:11 | ||
| 13:11 14:10 | ||
| 14:10 15:10 | ||
| 15:10 16:10 | ||
| 16:10 17:10 | ||
| 17:10 18:09 |
रात के घंटे
12 · 1 घं| 18:09 19:10 | ||
| 19:10 20:10 | ||
| 20:10 21:10 | ||
| 21:10 22:11 | ||
| 22:11 23:11 | ||
| 23:11 00:11 | ||
| 00:11 01:11 | ||
| 01:11 02:12 | ||
| 02:12 03:12 | ||
| 03:12 04:12 | ||
| 04:12 05:13 | ||
| 05:13 06:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 29 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 29 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 29 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 29 सितंबर 2027 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग शुक्ल है।
- 29 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:12 पर तथा सूर्यास्त 18:09 पर होगा।
- 29 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:11–13:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।