बुधवार, 12 मार्च 2025
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। त्रयोदशी तिथि 09:12 बजे तक, फिर चतुर्दशी 10:36 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 04:05 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 06:19 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 12:59 बजे तक, फिर धृति योग 13:01 (कल) बजे तक। तैतिल करण 09:12 बजे तक, उसके बाद गर 21:51 बजे तक, फिर वणिज 10:36 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:31 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन08:14उसी दिन09:12
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन09:12अगले दिन10:36
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
मघा · पाद 1
उसी दिन02:14अगले दिन04:05
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सुकर्मा
पिछले दिन13:16उसी दिन12:59
धृति
उसी दिन12:59अगले दिन13:01
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
पिछले दिन20:39उसी दिन09:12
गर
उसी दिन09:12उसी दिन21:51
वणिज
उसी दिन21:51अगले दिन10:36
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · बुध
12 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:3408:03 | ||
| 08:0309:32 | ||
| 09:3211:01 | ||
| 11:0112:31 | ||
| 12:3114:00 | ||
| 14:0015:29 | ||
| 15:2916:58 | ||
| 16:5818:27 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:2719:58 | ||
| 19:5821:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:30 | ||
| 00:3002:01 | ||
| 02:0103:31 | ||
| 03:3105:02 | ||
| 05:0206:33 |
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:3408:03 | ||
| 08:0309:32 | ||
| 09:3211:01 | ||
| 11:0112:31 | ||
| 12:3114:00 | ||
| 14:0015:29 | ||
| 15:2916:58 | ||
| 16:5818:27 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:2719:58 | ||
| 19:5821:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:30 | ||
| 00:3002:01 | ||
| 02:0103:31 | ||
| 03:3105:02 | ||
| 05:0206:33 |
| 04:57→05:45 | ||
| 01:30→03:13 | ||
| 12:31→14:00 | ||
| 08:03→09:32 | ||
| 11:01→12:31 | ||
| 15:10→16:53 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:3407:33 | ||
| 07:3308:33 | ||
| 08:3309:32 | ||
| 09:3210:32 | ||
| 10:3211:31 | ||
| 11:3112:31 | ||
| 12:3113:30 | ||
| 13:3014:29 | ||
| 14:2915:29 | ||
| 15:2916:28 | ||
| 16:2817:28 | ||
| 17:2818:27 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:2719:28 | ||
| 19:2820:28 | ||
| 20:2821:29 | ||
| 21:2922:29 | ||
| 22:2923:30 | ||
| 23:3000:30 | ||
| 00:3001:30 | ||
| 01:3002:31 | ||
| 02:3103:31 | ||
| 03:3104:32 | ||
| 04:3205:32 | ||
| 05:3206:33 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
- 12 मार्च 2025 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 12 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 12 मार्च 2025 का नक्षत्र मघा और योग सुकर्मा है।
- 12 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:34 पर तथा सूर्यास्त 18:27 पर होगा।
- 12 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:31–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

