संग्रह
पंचांग — मार्च 2025
पूरा पंचांग देखने के लिए तिथि चुनें।
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
द्वितीया पूर्व भाद्रपदा 06:46 2
तृतीया उत्तर भाद्रपदा 06:45 3
चतुर्थी अश्विनी 06:44 4
पंचमी भरणी 06:43 5
षष्ठी कृत्तिका 06:42 6
सप्तमी रोहिणी 06:40 7
अष्टमी मृगशिरा 06:39 8
नवमी आर्द्रा 06:38 9
दशमी पुनर्वसु 06:37 10
आमलकी एकादशी पुष्य 06:36 11
द्वादशी आश्लेषा 06:35 12
त्रयोदशी मघा 06:34 13
चतुर्दशी पूर्व फाल्गुनी 06:33 14
पूर्णिमा उत्तर फाल्गुनी 06:32 होली 15
प्रतिपदा उत्तर फाल्गुनी 06:30 16
द्वितीया हस्त 06:29 17
तृतीया चित्रा 06:28 18
चतुर्थी स्वाति 06:27 19
पंचमी विशाखा 06:26 20
षष्ठी अनुराधा 06:25 21
सप्तमी ज्येष्ठा 06:24 22
अष्टमी मूल 06:22 23
नवमी पूर्व आषाढ़ा 06:21 24
दशमी उत्तर आषाढ़ा 06:20 25
वरूथिनी एकादशी श्रवण 06:19 26
द्वादशी धनिष्ठा 06:18 27
त्रयोदशी शतभिषा 06:17 28
चतुर्दशी पूर्व भाद्रपदा 06:15 29
अमावस्या उत्तर भाद्रपदा 06:14 30
प्रतिपदा रेवती 06:13 गुड़ी पड़वा 31
द्वितीया अश्विनी 06:12 आज मंगलवार, 23 जून 2026 शुक्ल नवमी हस्त
आगामी पर्व
-
होली
14 मार्च 2025रंगों का त्योहार, वसंत के आगमन और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव। लोग एक-दूसरे पर रंग लगाते हैं, गीत-संगीत और मेल-मिलाप करते हैं।
-
गुड़ी पड़वा
30 मार्च 2025दक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।
-
चैत्र नवरात्रि
30 मार्च 2025देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ रातें, हिन्दू चंद्र वर्ष का आरंभ। उपवास, प्रार्थना और भक्ति संगीत के साथ मनाई जाती है।