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Kundli GPT

गुरुवार, 13 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। चतुर्दशी तिथि 10:36 बजे तक, फिर पूर्णिमा 12:24 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 06:19 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 08:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 13:01 बजे तक, फिर शूल योग 13:22 (कल) बजे तक। वणिज करण 10:36 बजे तक, उसके बाद विष्टि 23:27 बजे तक, फिर बव 12:24 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:00 से 15:29) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्दशी

      पिछले दिन 09:12 उसी दिन 10:36

    • पूर्णिमा

      उसी दिन 10:36 अगले दिन 12:24

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • फाल्गुन · चैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 1

      उसी दिन 04:05 अगले दिन 06:19

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • धृति

      पिछले दिन 12:59 उसी दिन 13:01

    • शूल

      उसी दिन 13:01 अगले दिन 13:22

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:51 उसी दिन 10:36

    • विष्टि

      उसी दिन 10:36 उसी दिन 23:27

    • बव

      उसी दिन 23:27 अगले दिन 12:24

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्दशी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:33 – 08:02 रोग · 08:02 – 09:31 उद्वेग · 09:31 – 11:01 चल · 11:01 – 12:30 लाभ · 12:30 – 14:00 अमृत · 14:00 – 15:29 काल · 15:29 – 16:59 शुभ · 16:59 – 18:28 अमृत · 18:28 – 19:58 चल · 19:58 – 21:29 रोग · 21:29 – 22:59 काल · 22:59 – 00:30 लाभ · 00:30 – 02:00 उद्वेग · 02:00 – 03:31 शुभ · 03:31 – 05:01 अमृत · 05:01 – 06:32 शुभ · 06:33 – 08:02 रोग · 08:02 – 09:31 शून्य · 09:31 – 11:01 लाभ · 11:01 – 12:30 काल · 12:30 – 14:00 चल · 14:00 – 15:29 उद्योग · 15:29 – 16:59 अमृत · 16:59 – 18:28 लाभ · 18:28 – 19:58 चल · 19:58 – 21:29 शुभ · 21:29 – 22:59 उद्योग · 22:59 – 00:30 अमृत · 00:30 – 02:00 शून्य · 02:00 – 03:31 रोग · 03:31 – 05:01 काल · 05:01 – 06:32 ब्रह्म मुहूर्त · 04:56 – 05:44 अभिजित मुहूर्त · 12:06 – 12:54 अमृत काल · 23:19 – 01:04 राहु काल · 14:00 – 15:29 यमगण्ड काल · 06:33 – 08:02 गुलिक काल · 09:31 – 11:01 वर्ज्यम् · 12:49 – 14:34 गुरु · 06:33 – 07:32 मंगल · 07:32 – 08:32 सूर्य · 08:32 – 09:31 शुक्र · 09:31 – 10:31 बुध · 10:31 – 11:31 चंद्र · 11:31 – 12:30 शनि · 12:30 – 13:30 गुरु · 13:30 – 14:30 मंगल · 14:30 – 15:29 सूर्य · 15:29 – 16:29 शुक्र · 16:29 – 17:28 बुध · 17:28 – 18:28 चंद्र · 18:28 – 19:28 शनि · 19:28 – 20:29 गुरु · 20:29 – 21:29 मंगल · 21:29 – 22:29 सूर्य · 22:29 – 23:29 शुक्र · 23:29 – 00:30 बुध · 00:30 – 01:30 चंद्र · 01:30 – 02:30 शनि · 02:30 – 03:31 गुरु · 03:31 – 04:31 मंगल · 04:31 – 05:31 सूर्य · 05:31 – 06:32

13 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:33
08:02
09:31
11:01
12:30
14:00
15:29
16:59

रात के समय

8 · 1 घं 30 मि
18:28
19:58
21:29
22:59
00:30
02:00
03:31
05:01

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:33
08:02
09:31
11:01
12:30
14:00
15:29
16:59

रात के समय

8 · 1 घं 30 मि
18:28
19:58
21:29
22:59
00:30
02:00
03:31
05:01
04:56 05:44
12:06 12:54
23:19 01:04
14:00 15:29
06:33 08:02
09:31 11:01
12:49 14:34

दिन के घंटे

12 · 1 घं
06:33
07:32
08:32
09:31
10:31
11:31
12:30
13:30
14:30
15:29
16:29
17:28

रात के घंटे

12 · 1 घं
18:28
19:28
20:29
21:29
22:29
23:29
00:30
01:30
02:30
03:31
04:31
05:31

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
13 मार्च 2025 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
13 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
13 मार्च 2025 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग धृति है।
13 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:33 पर तथा सूर्यास्त 18:28 पर होगा।
13 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:00–15:29 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।