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Kundli GPT

बुधवार, 12 नवंबर 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। अष्टमी तिथि 22:58 बजे तक, फिर नवमी 23:34 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 18:34 बजे तक, उसके बाद मघा 19:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 08:01 बजे तक, फिर ब्रह्म योग 06:56 (कल) बजे तक। बालव करण 10:58 बजे तक, उसके बाद कौलव 22:58 बजे तक, फिर तैतिल 11:11 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:05 से 13:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 23:09 उसी दिन 22:58

    • कृष्ण नवमी

      उसी दिन 22:58 अगले दिन 23:34

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 18:17 उसी दिन 18:34

    • मघा

      उसी दिन 18:34 अगले दिन 19:37

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 09:43 उसी दिन 08:01

    • ब्रह्म

      उसी दिन 08:01 अगले दिन 06:56

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 23:09 उसी दिन 10:58

    • कौलव

      उसी दिन 10:58 उसी दिन 22:58

    • तैतिल

      उसी दिन 22:58 अगले दिन 11:11

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:41 – 08:02 अमृत · 08:02 – 09:23 काल · 09:23 – 10:44 शुभ · 10:44 – 12:05 रोग · 12:05 – 13:26 उद्वेग · 13:26 – 14:47 चल · 14:47 – 16:07 लाभ · 16:07 – 17:28 उद्वेग · 17:28 – 19:08 शुभ · 19:08 – 20:47 अमृत · 20:47 – 22:26 चल · 22:26 – 00:05 रोग · 00:05 – 01:44 काल · 01:44 – 03:23 लाभ · 03:23 – 05:02 उद्वेग · 05:02 – 06:42 लाभ · 06:41 – 08:02 शुभ · 08:02 – 09:23 अमृत · 09:23 – 10:44 चल · 10:44 – 12:05 उद्योग · 12:05 – 13:26 शून्य · 13:26 – 14:47 रोग · 14:47 – 16:07 काल · 16:07 – 17:28 शून्य · 17:28 – 19:08 रोग · 19:08 – 20:47 काल · 20:47 – 22:26 शुभ · 22:26 – 00:05 चल · 00:05 – 01:44 अमृत · 01:44 – 03:23 उद्योग · 03:23 – 05:02 लाभ · 05:02 – 06:42 ब्रह्म मुहूर्त · 04:55 – 05:48 अमृत काल · 16:57 – 18:34 राहु काल · 12:05 – 13:26 यमगण्ड काल · 08:02 – 09:23 गुलिक काल · 10:44 – 12:05 वर्ज्यम् · 07:14 – 08:51 बुध · 06:41 – 07:35 चंद्र · 07:35 – 08:29 शनि · 08:29 – 09:23 गुरु · 09:23 – 10:17 मंगल · 10:17 – 11:11 सूर्य · 11:11 – 12:05 शुक्र · 12:05 – 12:59 बुध · 12:59 – 13:53 चंद्र · 13:53 – 14:47 शनि · 14:47 – 15:41 गुरु · 15:41 – 16:34 मंगल · 16:34 – 17:28 सूर्य · 17:28 – 18:35 शुक्र · 18:35 – 19:41 बुध · 19:41 – 20:47 चंद्र · 20:47 – 21:53 शनि · 21:53 – 22:59 गुरु · 22:59 – 00:05 मंगल · 00:05 – 01:11 सूर्य · 01:11 – 02:17 शुक्र · 02:17 – 03:23 बुध · 03:23 – 04:29 चंद्र · 04:29 – 05:36 शनि · 05:36 – 06:42

12 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
06:41
08:02
09:23
10:44
12:05
13:26
14:47
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 39 मि
17:28
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:23
05:02

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
06:41
08:02
09:23
10:44
12:05
13:26
14:47
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 39 मि
17:28
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:23
05:02
04:55 05:48
16:57 18:34
12:05 13:26
08:02 09:23
10:44 12:05
07:14 08:51

दिन के घंटे

12 · 54 मि
06:41
07:35
08:29
09:23
10:17
11:11
12:05
12:59
13:53
14:47
15:41
16:34

रात के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
17:28
18:35
19:41
20:47
21:53
22:59
00:05
01:11
02:17
03:23
04:29
05:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
12 नवंबर 2025 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
12 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
12 नवंबर 2025 का नक्षत्र आश्लेषा और योग शुक्ल है।
12 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:41 पर तथा सूर्यास्त 17:28 पर होगा।
12 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:05–13:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।