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कार / बाइक मुहूर्त 2025

जीवन के शुभ आरंभ के लिए मंगलमय तिथियाँ

जनवरी 2025

6 शुभ दिन

सो
मं
बु
गु
शु
3
4
5
7
9
10
11
12
13
14
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
सर्वोत्तम दिनशुभ

गुरुवार, 2 जनवरी 2025

सर्वाधिक शुभ

मुहूर्त समय

श्रेष्ठ मुहूर्त11:0713:43
अभिजित — मध्याह्न का 'विजय' काल सम्मिलित2 घं 36 मि
शुभ मुहूर्त16:1817:36
इस दिन का एक और शुभ मुहूर्त1 घं 18 मि
नक्षत्र
श्रवण
तिथि
शुक्ल तृतीया
योग
हर्षण
करण
तैतिल

यह दिन क्यों शुभ

  • श्रवण — इस संस्कार हेतु शुभ नक्षत्र
  • शुक्ल तृतीया — अनुकूल तिथि
  • अभिजित मुहूर्त — मध्याह्न का 'विजय' काल

वर्जित समय

  • राहु काल13:43–15:00
  • यमगण्ड07:14–08:31
  • गुलिक काल09:49–11:07
  • वर्ज्यम्03:41–05:14
पूरा पंचांग देखें

82 शुभ दिन

2025 में सर्वाधिक शुभ वाहन खरीद तिथियाँ।

जनवरी2025

6 शुभ दिन
  1. 1

    बुधवार, 1 जनवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:13 – 07:5815:00 – 17:35
    उत्तर आषाढ़ाशुक्ल द्वितीयापूरा पंचांग देखें
  2. 2
  3. 6

    सोमवार, 6 जनवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:14 – 08:3209:50 – 11:0915:03 – 17:39
    उत्तर भाद्रपदाशुक्ल सप्तमीपूरा पंचांग देखें
  4. 8
  5. 15
  6. 31

    शुक्रवार, 31 जनवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:09 – 08:3109:52 – 11:1316:38 – 17:59
    शतभिषाशुक्ल द्वितीयापूरा पंचांग देखें

फ़रवरी2025

5 शुभ दिन
  1. 2

    रविवार, 2 फ़रवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त09:14 – 11:2913:56 – 15:18
    उत्तर भाद्रपदाशुक्ल पंचमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  2. 7

    शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:05 – 08:2809:50 – 10:5712:35 – 13:57
    रोहिणीशुक्ल दशमीपूरा पंचांग देखें
  3. 10

    सोमवार, 10 फ़रवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:34 – 08:2609:49 – 11:1215:21 – 18:07
    पुनर्वसुशुक्ल त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  4. 26
  5. 28

    शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:47 – 08:1309:40 – 11:0712:33 – 13:41
    शतभिषाशुक्ल प्रतिपदापूरा पंचांग देखें

मार्च2025

7 शुभ दिन
  1. 2

    रविवार, 2 मार्च 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त08:12 – 12:3314:00 – 15:27
    उत्तर भाद्रपदाशुक्ल तृतीयासर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  2. 3
  3. 9
  4. 16

    रविवार, 16 मार्च 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:59 – 12:2914:00 – 15:30
    हस्तकृष्ण द्वितीयाअमृत सिद्धि योगसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  5. 24

    सोमवार, 24 मार्च 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:20 – 07:5209:24 – 10:5515:31 – 17:28
    उत्तर आषाढ़ाकृष्ण दशमीपूरा पंचांग देखें
  6. 27

    गुरुवार, 27 मार्च 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त10:54 – 13:5917:03 – 18:36
    शतभिषाकृष्ण त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  7. 30

    रविवार, 30 मार्च 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:26 – 12:2513:58 – 15:31
    रेवतीशुक्ल प्रतिपदागुड़ी पड़वापूरा पंचांग देखें

अप्रैल2025

8 शुभ दिन
  1. 2

    बुधवार, 2 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त15:32 – 18:39
    रोहिणीशुक्ल पंचमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  2. 7

    सोमवार, 7 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:04 – 06:25
    पुष्यशुक्ल दशमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  3. 10

    गुरुवार, 10 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त12:25 – 13:5817:08 – 18:44
    उत्तर फाल्गुनीशुक्ल त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  4. 13

    रविवार, 13 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:33 – 12:2113:57 – 15:33
    चित्राकृष्ण प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  5. 14

    सोमवार, 14 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:56 – 07:3309:09 – 10:4515:34 – 18:46
    स्वातिकृष्ण प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  6. 20

    रविवार, 20 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त11:49 – 12:2013:57 – 15:35
    उत्तर आषाढ़ाकृष्ण सप्तमीपूरा पंचांग देखें
  7. 23
  8. 30

    बुधवार, 30 अप्रैल 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:41 – 07:2013:57 – 18:55
    रोहिणीशुक्ल तृतीयाअक्षय तृतीयासर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें

मई2025

8 शुभ दिन
  1. 1
  2. 7
  3. 9
  4. 14

    बुधवार, 14 मई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:31 – 07:12
    अनुराधाकृष्ण द्वितीयाअमृत सिद्धि योगसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  5. 19

    सोमवार, 19 मई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त18:06 – 19:07
    श्रवणकृष्ण सप्तमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  6. 23

    शुक्रवार, 23 मई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:26 – 07:0908:52 – 10:3512:18 – 14:0017:26 – 19:09
    उत्तर भाद्रपदाकृष्ण एकादशीपूरा पंचांग देखें
  7. 25

    रविवार, 25 मई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:08 – 07:3909:04 – 11:13
    अश्विनीकृष्ण त्रयोदशीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  8. 28

    बुधवार, 28 मई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:24 – 07:0815:45 – 19:10
    मृगशिराशुक्ल द्वितीयासर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें

जून2025

5 शुभ दिन
  1. 6
  2. 8
  3. 20

    शुक्रवार, 20 जून 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त09:49 – 10:3112:22 – 14:0717:37 – 19:21
    रेवतीकृष्ण दशमीअमृत सिद्धि योगसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  4. 26

    गुरुवार, 26 जून 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त10:39 – 14:0817:38 – 19:22
    पुनर्वसुशुक्ल प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  5. 27

    शुक्रवार, 27 जून 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:25 – 07:1008:54 – 10:3912:24 – 14:0817:38 – 19:22
    पुनर्वसुशुक्ल द्वितीयापूरा पंचांग देखें

जुलाई2025

7 शुभ दिन
  1. 2
  2. 4
  3. 13
  4. 17

    गुरुवार, 17 जुलाई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त10:44 – 14:1017:46 – 19:09
    रेवतीकृष्ण सप्तमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  5. 21

    सोमवार, 21 जुलाई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:36 – 07:1909:01 – 09:39
    रोहिणीकृष्ण एकादशीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  6. 25

    शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:38 – 07:2009:03 – 10:4512:27 – 14:09
    पुष्यशुक्ल प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  7. 31

अगस्त2025

9 शुभ दिन
  1. 3
  2. 4

    सोमवार, 4 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:44 – 07:25
    अनुराधाशुक्ल दशमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  3. 10

    रविवार, 10 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:27 – 12:2614:06 – 15:45
    धनिष्ठाकृष्ण प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  4. 13

    बुधवार, 13 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:36 – 07:2815:44 – 16:06
    उत्तर भाद्रपदाकृष्ण पंचमीपूरा पंचांग देखें
  5. 18

    सोमवार, 18 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:52 – 06:2217:22 – 18:57
    मृगशिराकृष्ण दशमीअमृत सिद्धि योगसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  6. 20
  7. 25

    सोमवार, 25 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त05:55 – 07:3209:09 – 09:4915:36 – 18:50
    उत्तर फाल्गुनीशुक्ल द्वितीयापूरा पंचांग देखें
  8. 27

    बुधवार, 27 अगस्त 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त15:44 – 18:48
    चित्राशुक्ल पंचमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  9. 28

सितंबर2025

5 शुभ दिन
  1. 5

    शुक्रवार, 5 सितंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:01 – 07:3509:10 – 10:4512:19 – 13:54
    श्रवणशुक्ल त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  2. 11

    गुरुवार, 11 सितंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त12:45 – 13:50
    अश्विनीकृष्ण पंचमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  3. 17

    बुधवार, 17 सितंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:07 – 07:3915:19 – 18:23
    पुनर्वसुकृष्ण एकादशीपूरा पंचांग देखें
  4. 22

    सोमवार, 22 सितंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:09 – 07:4009:11 – 10:4215:15 – 18:17
    उत्तर फाल्गुनीशुक्ल प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  5. 24

अक्टूबर2025

9 शुभ दिन
  1. 2

    गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:43 – 09:1210:41 – 13:3915:08 – 18:05
    श्रवणशुक्ल दशमीदशहरापूरा पंचांग देखें
  2. 3
  3. 8

    बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:17 – 07:4515:03 – 17:59
    अश्विनीकृष्ण द्वितीयापूरा पंचांग देखें
  4. 18

    शनिवार, 18 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:49 – 09:1410:40 – 13:3114:57 – 20:12
    पूर्व फाल्गुनीकृष्ण · 13धनतेरसपूरा पंचांग देखें
  5. 19

    रविवार, 19 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:49 – 12:0513:31 – 13:52
    उत्तर फाल्गुनीकृष्ण त्रयोदशीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  6. 22

    बुधवार, 22 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:03 – 07:5114:55 – 17:44
    स्वातिशुक्ल प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  7. 24

    शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:27 – 07:5212:05 – 13:2916:18 – 17:42
    अनुराधाशुक्ल तृतीयासर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  8. 29
  9. 31

    शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त10:04 – 10:4112:04 – 13:2716:13 – 17:36
    धनिष्ठाशुक्ल दशमीपूरा पंचांग देखें

नवंबर2025

6 शुभ दिन
  1. 3

    सोमवार, 3 नवंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:34 – 07:5709:19 – 10:4214:49 – 17:34
    उत्तर भाद्रपदाशुक्ल त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  2. 7

    शुक्रवार, 7 नवंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:37 – 07:5909:21 – 10:4212:04 – 13:2616:10 – 17:31
    रोहिणीकृष्ण द्वितीयापूरा पंचांग देखें
  3. 17

    सोमवार, 17 नवंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:45 – 08:0509:25 – 10:4514:46 – 17:26
    चित्राकृष्ण त्रयोदशीपूरा पंचांग देखें
  4. 21

    शुक्रवार, 21 नवंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त12:06 – 13:26
    अनुराधाशुक्ल प्रतिपदासर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  5. 27
  6. 30

    रविवार, 30 नवंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त08:14 – 11:3013:28 – 14:46
    उत्तर भाद्रपदाशुक्ल दशमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें

दिसंबर2025

7 शुभ दिन
  1. 5

    शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त06:59 – 08:1709:35 – 10:5312:11 – 13:2916:05 – 17:24
    रोहिणीकृष्ण प्रतिपदापूरा पंचांग देखें
  2. 8

    सोमवार, 8 दिसंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त16:03 – 17:24
    पुष्यकृष्ण पंचमीसर्वार्थ सिद्धि योगपूरा पंचांग देखें
  3. 15
  4. 22

    सोमवार, 22 दिसंबर 2025

    सर्वाधिक शुभ
    शुभ मुहूर्त07:10 – 08:2709:44 – 11:0214:54 – 17:29
    उत्तर आषाढ़ाशुक्ल द्वितीयापूरा पंचांग देखें
  5. 24
  6. 25
  7. 29

कार / बाइक मुहूर्त के बारे में

वाहन मुहूर्त वह दिन — और उस दिन का उपयुक्त चौघड़िया — चुनता है जब नई कार या बाइक घर लाना शुभ हो, ताकि खरीद तीव्र व सौम्य नक्षत्रों के नीचे गति में आरंभ हो। परंपरा वाहन को यात्रा की तरह देखती है: शुरुआत अमृत, शुभ, लाभ या चल चौघड़िये में हो, राहु काल या अशुभ चौघड़ियों में कभी नहीं। वाहन पर कोई ऋतु-विराम लागू नहीं होता, अतः वर्ष के हर महीने में शुभ दिन मिलते हैं।

कार / बाइक मुहूर्त की तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं

  • सोलह नक्षत्र मान्य हैं, चार गणों से — लघु (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती), चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) व ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद) — वाहन तीव्र, सौम्य व टिकाऊ होना चाहिए। खरीद हेतु पुष्य सर्वश्रेष्ठ है।
  • सोम, बुध, गुरु व शुक्र के साथ रविवार भी मान्य है; मंगलवार (मंगल) व शनिवार (शनि) वर्जित हैं।
  • प्रत्येक दिन का समय शुभ चौघड़ियों — अमृत, शुभ, लाभ व चल (शुक्र का 'गति' खंड) — तक सीमित है। चौघड़िया पश्चिम-भारतीय पंचांग परंपरा की लोकप्रिय समय-विधि है; शास्त्रीय ग्रंथ खरीद का समय होरा व लग्न से तय करते हैं, जिसके लिए व्यक्तिगत परामर्श चाहिए।
  • पंचक वाहन खरीद में बाधक नहीं और कोई ऋतु-विराम लागू नहीं, अतः वर्ष के हर महीने में शुभ तिथियाँ मिलती हैं।
  • चार पर्व-दिन पर्व के अपने प्रमाण से सूचीबद्ध होते हैं, भले ही सामान्य नियम उन्हें छोड़ दें: गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया व विजयादशमी — पंचांग परंपरा के साढ़े तीन मुहूर्त, जिनमें विजयादशमी के कार्यों को धर्मसिंधु 'मुहूर्त की अपेक्षा बिना' शुभ बताती है — तथा धनतेरस, व्यापार परंपरा का वाहन-व-धातु खरीद दिवस।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • तिथियाँ नई दिल्ली (IST) हेतु गणना की गई हैं। अन्य शहरों में समय थोड़ा बदलता है।
  • पंचांग के पाँचों अंग एक साथ तौले जाते हैं — दिन तभी प्रबल होता है जब शुभ नक्षत्र के साथ शुभ तिथि और सौम्य वार भी हो।
  • अभिजित मुहूर्त — मध्याह्न (सौर दोपहर) के आसपास का ~48 मिनट का समय — सर्वत्र शुभ माना जाता है, और गृह प्रवेश व भूमि पूजन के मुहूर्त में श्रेष्ठ समय के रूप में दर्शाया गया है।
  • राहु काल, यमगण्ड व गुलिक काल दैनिक अशुभ अवधियाँ हैं; सूचीबद्ध तिथि पर भी वास्तविक कार्य इनसे बाहर आरंभ करें।
  • खरमास / मलमास — जब सूर्य धनु (मध्य दिसंबर→मध्य जनवरी) या मीन (मध्य मार्च→मध्य अप्रैल) में रहता है — विवाह व बड़े शुभ कार्य रुक जाते हैं।
  • चातुर्मास — देवशयनी से प्रबोधिनी एकादशी तक — विवाह, गृह प्रवेश व कई संस्कार स्थगित रहते हैं।
  • अधिक मास (मलमास) में शुभ कार्य परंपरागत रूप से स्थगित रहते हैं, अतः कुछ महीनों में बहुत कम या कोई तिथि नहीं दिखती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई कार या बाइक खरीदने के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?
जिस दिन का नक्षत्र लघु, मृदु या चर हो — खरीद हेतु पुष्य सर्वश्रेष्ठ है — और वार मान्य हो (रवि, सोम, बुध, गुरु या शुक्र); मंगलवार व शनिवार वर्जित। डिलीवरी शुभ चौघड़िये — अमृत, शुभ, लाभ या चल — में लें।
चौघड़िया क्या है और यहाँ क्यों महत्त्वपूर्ण है?
चौघड़िया दिन को लगभग 90-90 मिनट के आठ खंडों में बाँटता है, हर खंड का एक ग्रह-स्वामी होता है। यह खरीद व यात्रा के समय-निर्धारण का पारंपरिक साधन है; यहाँ दिया गया प्रत्येक समय पहले से ही चार शुभ खंडों — अमृत, शुभ, लाभ व चल — तक सीमित है, अतः उसे सीधे उपयोग किया जा सकता है।
क्या पंचक में वाहन खरीद सकते हैं?
हाँ — पंचक दोष निर्माण, ईंधन-संग्रह, शय्या-निर्माण व दक्षिण दिशा की यात्रा पर लागू होता है, वाहन खरीद पर नहीं। अतः धनिष्ठा से रेवती तक के दिन अन्य कारक शुभ होने पर रखे गए हैं।
क्या किसी ऋतु में वाहन खरीद वर्जित है?
नहीं। विवाह या गृह प्रवेश के विपरीत वाहन पर खरमास या चातुर्मास का कोई विराम लागू नहीं होता, अतः वर्ष के हर महीने में शुभ तिथियाँ मिलती हैं।
विजयादशमी मंगलवार को पड़े तो भी सूचीबद्ध क्यों?
क्योंकि उस दिन को वार नहीं, पर्व सिद्ध करता है। धर्मसिंधु कहती है कि विजयादशमी के कार्य 'मुहूर्त, तारा बल या चंद्र बल की अपेक्षा बिना' शुभ होते हैं — पर्व परंपरा दिन निश्चित करती है, और केवल दिन के भीतर के त्याज्य काल (राहु काल, भद्रा) समय को आकार देते हैं। पर्व के प्रमाण से सूचीबद्ध तिथियाँ उसके नाम का चिह्न धारण करती हैं।
ये मुहूर्त तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?
प्रत्येक दिन को उसके दृक-पंचांग के पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण — के आधार पर, मुहूर्त चिंतामणि, कालप्रकाशिका व बी.वी. रमन की 'मुहूर्त' की शास्त्रीय परंपरा अनुसार अंक दिए जाते हैं। फिर दोषयुक्त दिन (अमावस्या, रिक्ता तिथि, भद्रा या पंचक) हटा दिए जाते हैं, और नई दिल्ली हेतु केवल शुभ तिथियाँ शेष रहती हैं।
क्या ये समय मेरे शहर के लिए मान्य हैं?
तिथियाँ नई दिल्ली (IST) पर आधारित हैं। शुभ दिन प्रायः पूरे भारत में समान रहता है, पर सूर्योदय-आधारित समय — तथा राहु काल व अभिजित जैसी अवधियाँ — स्थान अनुसार थोड़ा बदलते हैं, अतः समय तय करने से पूर्व अपने शहर का पूरा पंचांग देखें।
कुछ महीनों में कोई तिथि क्यों नहीं होती?
कठोर नियम अशुभ तिथियों व नक्षत्रों को हटा देते हैं, और ऋतु-विराम — खरमास (मलमास), चातुर्मास व अधिक मास — बड़े शुभ कार्यों को पूर्णतः रोक देते हैं। इन अवधियों में पड़ने वाले महीने में कम या कोई तिथि न दिखना स्वाभाविक है।
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित स्थानीय मध्याह्न (सौर दोपहर) के आसपास का लगभग 48 मिनट का समय है, जिसके स्वामी भगवान विष्णु हैं और जो लगभग हर कार्य हेतु शुभ माना जाता है। मुहूर्त ग्रंथ इसे 'विजय' काल मानते हैं, और हम इसे गृह प्रवेश व भूमि पूजन के मुहूर्त में श्रेष्ठ समय के रूप में दर्शाते हैं।
भद्रा, पंचक व रिक्ता तिथि क्या हैं?
ये वे शास्त्रीय दोष हैं जिन्हें हम हटाते हैं। भद्रा (विष्टि करण) व पंचक (अंतिम पाँच नक्षत्रों — धनिष्ठा से रेवती — में चंद्रमा) अशुभ अवधियाँ हैं; रिक्ता तिथियाँ — प्रत्येक पक्ष की चतुर्थी, नवमी व चतुर्दशी — नए आरंभ हेतु वर्जित 'रिक्त' तिथियाँ हैं।
क्या फिर भी ज्योतिषी से परामर्श करना चाहिए?
हाँ। ये तिथियाँ शास्त्रीय नियमों पर आधारित एक सशक्त सूची हैं, पर ये एक सामान्य कुंडली हेतु निकाली गई हैं। विवाह या किसी बड़े आयोजन हेतु अपनी जन्मकुंडली से मुहूर्त का मिलान कर ज्योतिषी से पुष्टि करना उचित है।