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सोमवार, 13 जुलाई 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्दशी तिथि शाम तक है, फिर अमावस्या शुरू होगी। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में तड़के तक है, फिर आर्द्रा में। आज अमृत सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:59 से 12:54 बजे तक, और राहु काल में न करें, 07:15 से 08:59 बजे तक। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मिथुन राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 22:30 उसी दिन 18:49 तक

    • फिर

      अमावस्या

      उसी दिन 18:49 अगले दिन 15:13

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 08:28 उसी दिन 05:41 तक

    • फिर

      आर्द्रा

      उसी दिन 05:41 अगले दिन 02:51

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 20:05 उसी दिन 15:59 तक

    • फिर

      व्याघात

      उसी दिन 15:59 अगले दिन 11:56

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 22:30 उसी दिन 08:40 तक

    • फिर

      शकुनि

      उसी दिन 08:40 उसी दिन 18:49

    • फिर

      चतुष्पाद

      उसी दिन 18:49 अगले दिन 05:00

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · सोम

00061218अमृत · 05:32 – 07:15काल · 07:15 – 08:59शुभ · 08:59 – 10:43रोग · 10:43 – 12:26उद्वेग · 12:26 – 14:10चल · 14:10 – 15:54लाभ · 15:54 – 17:37अमृत · 17:37 – 19:21चल · 19:21 – 20:37रोग · 20:37 – 21:54काल · 21:54 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:27उद्वेग · 00:27 – 01:43शुभ · 01:43 – 02:59अमृत · 02:59 – 04:16चल · 04:16 – 05:32चल · 05:32 – 07:15लाभ · 07:15 – 08:59शून्य · 08:59 – 10:43रोग · 10:43 – 12:26शुभ · 12:26 – 14:10काल · 14:10 – 15:54अमृत · 15:54 – 17:37उद्योग · 17:37 – 19:21उद्योग · 19:21 – 20:37अमृत · 20:37 – 21:54शुभ · 21:54 – 23:10काल · 23:10 – 00:27रोग · 00:27 – 01:43चल · 01:43 – 02:59लाभ · 02:59 – 04:16शून्य · 04:16 – 05:32ब्रह्म मुहूर्त · 04:10 – 04:51अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:54अमृत काल · 21:54 – 23:19राहु काल · 07:15 – 08:59यमगण्ड काल · 10:43 – 12:26गुलिक काल · 14:10 – 15:54वर्ज्यम् · 13:25 – 14:50चंद्र · 05:32 – 06:41शनि · 06:41 – 07:50गुरु · 07:50 – 08:59मंगल · 08:59 – 10:08सूर्य · 10:08 – 11:17शुक्र · 11:17 – 12:26बुध · 12:26 – 13:35चंद्र · 13:35 – 14:45शनि · 14:45 – 15:54गुरु · 15:54 – 17:03मंगल · 17:03 – 18:12सूर्य · 18:12 – 19:21शुक्र · 19:21 – 20:12बुध · 20:12 – 21:03चंद्र · 21:03 – 21:54शनि · 21:54 – 22:45गुरु · 22:45 – 23:36मंगल · 23:36 – 00:27सूर्य · 00:27 – 01:18शुक्र · 01:18 – 02:08बुध · 02:08 – 02:59चंद्र · 02:59 – 03:50शनि · 03:50 – 04:41गुरु · 04:41 – 05:32

13 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:32
07:15
08:59
10:43
12:26
14:10
15:54
17:37

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:21
20:37
21:54
23:10
00:27
01:43
02:59
04:16

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:32
07:15
08:59
10:43
12:26
14:10
15:54
17:37

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:21
20:37
21:54
23:10
00:27
01:43
02:59
04:16
04:10→04:51
11:59→12:54
21:54→23:19
07:15→08:59
10:43→12:26
14:10→15:54
13:25→14:50

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:32
06:41
07:50
08:59
10:08
11:17
12:26
13:35
14:45
15:54
17:03
18:12

रात के घंटे

12·51 मि
19:21
20:12
21:03
21:54
22:45
23:36
00:27
01:18
02:08
02:59
03:50
04:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
13 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
13 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
13 जुलाई 2026 का नक्षत्र मृगशिरा और योग ध्रुव है।
13 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
13 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:15–08:59 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।