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सोमवार, 7 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। द्वादशी तिथि रात तक है, फिर त्रयोदशी शुरू होगी। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:58 से 12:53 बजे तक, और राहु काल में न करें, 07:13 से 08:57 बजे तक। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन 21:15 उसी दिन 23:10 तक

    • फिर

      शुक्ल त्रयोदशी

      उसी दिन 23:10 अगले दिन 00:38

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 2

      पिछले दिन 22:41 अगले दिन 01:11 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शुभ

      पिछले दिन 21:26 उसी दिन 22:01 तक

    • फिर

      शुक्ल

      उसी दिन 22:01 अगले दिन 22:16

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 21:15 उसी दिन 10:16 तक

    • फिर

      बालव

      उसी दिन 10:16 उसी दिन 23:10

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 23:10 अगले दिन 11:58

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · सोम

00061218अमृत · 05:29 – 07:13काल · 07:13 – 08:57शुभ · 08:57 – 10:41रोग · 10:41 – 12:26उद्वेग · 12:26 – 14:10चल · 14:10 – 15:54लाभ · 15:54 – 17:38अमृत · 17:38 – 19:22चल · 19:22 – 20:38रोग · 20:38 – 21:54काल · 21:54 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:26उद्वेग · 00:26 – 01:42शुभ · 01:42 – 02:58अमृत · 02:58 – 04:13चल · 04:13 – 05:29चल · 05:29 – 07:13लाभ · 07:13 – 08:57शून्य · 08:57 – 10:41रोग · 10:41 – 12:26शुभ · 12:26 – 14:10काल · 14:10 – 15:54अमृत · 15:54 – 17:38उद्योग · 17:38 – 19:22उद्योग · 19:22 – 20:38अमृत · 20:38 – 21:54शुभ · 21:54 – 23:10काल · 23:10 – 00:26रोग · 00:26 – 01:42चल · 01:42 – 02:58लाभ · 02:58 – 04:13शून्य · 04:13 – 05:29ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:49अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:53अमृत काल · 13:42 – 15:28राहु काल · 07:13 – 08:57यमगण्ड काल · 10:41 – 12:26गुलिक काल · 14:10 – 15:54वर्ज्यम् · 03:06 – 04:52चंद्र · 05:29 – 06:38शनि · 06:38 – 07:48गुरु · 07:48 – 08:57मंगल · 08:57 – 10:07सूर्य · 10:07 – 11:16शुक्र · 11:16 – 12:26बुध · 12:26 – 13:35चंद्र · 13:35 – 14:44शनि · 14:44 – 15:54गुरु · 15:54 – 17:03मंगल · 17:03 – 18:13सूर्य · 18:13 – 19:22शुक्र · 19:22 – 20:13बुध · 20:13 – 21:03चंद्र · 21:03 – 21:54शनि · 21:54 – 22:45गुरु · 22:45 – 23:35मंगल · 23:35 – 00:26सूर्य · 00:26 – 01:16शुक्र · 01:16 – 02:07बुध · 02:07 – 02:58चंद्र · 02:58 – 03:48शनि · 03:48 – 04:39गुरु · 04:39 – 05:29

7 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:41
12:26
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:58
04:13

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:41
12:26
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:58
04:13
04:08→04:49
11:58→12:53
13:42→15:28
07:13→08:57
10:41→12:26
14:10→15:54
03:06→04:52

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:29
06:38
07:48
08:57
10:07
11:16
12:26
13:35
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के घंटे

12·51 मि
19:22
20:13
21:03
21:54
22:45
23:35
00:26
01:16
02:07
02:58
03:48
04:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
7 जुलाई 2025 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
7 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 जुलाई 2025 का नक्षत्र अनुराधा और योग शुभ है।
7 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
7 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:13–08:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।