रविवार, 15 जून 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्थी तिथि दोपहर तक है, फिर पंचमी शुरू होगी। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर धनिष्ठा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:53 से 12:49 बजे तक, और राहु काल में न करें, 17:35 से 19:20 बजे तक। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन 15:47 उसी दिन 15:51 तक
-
फिर
कृष्ण पंचमी
उसी दिन 15:51 अगले दिन 15:32
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
-
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
-
श्रवण · पाद 1
उसी दिन 00:21 अगले दिन 00:59 तक
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
-
-
ऐन्द्र
पिछले दिन 13:11 उसी दिन 12:18 तक
-
फिर
वैधृति
उसी दिन 12:18 अगले दिन 11:05
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
-
-
बालव
उसी दिन 03:52 उसी दिन 15:51 तक
-
फिर
कौलव
उसी दिन 15:51 अगले दिन 03:44
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · रवि
15 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:37 | ||
| 10:3712:21 | ||
| 12:2114:06 | ||
| 14:0615:51 | ||
| 15:5117:35 | ||
| 17:3519:20 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2020:35 | ||
| 20:3521:51 | ||
| 21:5123:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:37 | ||
| 01:3702:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:23 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:37 | ||
| 10:3712:21 | ||
| 12:2114:06 | ||
| 14:0615:51 | ||
| 15:5117:35 | ||
| 17:3519:20 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2020:35 | ||
| 20:3521:51 | ||
| 21:5123:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:37 | ||
| 01:3702:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:23 |
| 04:02→04:42 | ||
| 11:53→12:49 | ||
| 14:18→15:57 | ||
| 17:35→19:20 | ||
| 12:21→14:06 | ||
| 15:51→17:35 | ||
| 04:27→06:06 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2206:32 | ||
| 06:3207:42 | ||
| 07:4208:52 | ||
| 08:5210:02 | ||
| 10:0211:11 | ||
| 11:1112:21 | ||
| 12:2113:31 | ||
| 13:3114:41 | ||
| 14:4115:51 | ||
| 15:5117:00 | ||
| 17:0018:10 | ||
| 18:1019:20 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2020:10 | ||
| 20:1021:00 | ||
| 21:0021:51 | ||
| 21:5122:41 | ||
| 22:4123:31 | ||
| 23:3100:21 | ||
| 00:2101:11 | ||
| 01:1102:02 | ||
| 02:0202:52 | ||
| 02:5203:42 | ||
| 03:4204:32 | ||
| 04:3205:23 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 15 जून 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 15 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 15 जून 2025 का नक्षत्र श्रवण और योग ऐन्द्र है।
- 15 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:20 पर होगा।
- 15 जून 2025 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 17:35–19:20 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



