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सोमवार, 24 मई 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्थी तिथि रात तक है, फिर पंचमी शुरू होगी। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में रात तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:50 से 12:45 बजे तक, और राहु काल में न करें, 07:09 से 08:52 बजे तक। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 20:42 उसी दिन 22:59 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      उसी दिन 22:59 अगले दिन 01:31

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 19:16 उसी दिन 22:07 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 22:07 अगले दिन 01:11

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुभ

      पिछले दिन 23:00 उसी दिन 23:52 तक

    • फिर

      शुक्ल

      उसी दिन 23:52 अगले दिन 00:55

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 20:42 उसी दिन 09:48 तक

    • फिर

      बालव

      उसी दिन 09:48 उसी दिन 22:59

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 22:59 अगले दिन 12:14

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · सोम

00061218अमृत · 05:26 – 07:09काल · 07:09 – 08:52शुभ · 08:52 – 10:35रोग · 10:35 – 12:18उद्वेग · 12:18 – 14:01चल · 14:01 – 15:44लाभ · 15:44 – 17:26अमृत · 17:26 – 19:09चल · 19:09 – 20:26रोग · 20:26 – 21:43काल · 21:43 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:17उद्वेग · 00:17 – 01:34शुभ · 01:34 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:08चल · 04:08 – 05:25चल · 05:26 – 07:09लाभ · 07:09 – 08:52शून्य · 08:52 – 10:35रोग · 10:35 – 12:18शुभ · 12:18 – 14:01काल · 14:01 – 15:44अमृत · 15:44 – 17:26उद्योग · 17:26 – 19:09उद्योग · 19:09 – 20:26अमृत · 20:26 – 21:43शुभ · 21:43 – 23:00काल · 23:00 – 00:17रोग · 00:17 – 01:34चल · 01:34 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:08शून्य · 04:08 – 05:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 16:45 – 18:32राहु काल · 07:09 – 08:52यमगण्ड काल · 10:35 – 12:18गुलिक काल · 14:01 – 15:44वर्ज्यम् · 06:00 – 07:48चंद्र · 05:26 – 06:34शनि · 06:34 – 07:43गुरु · 07:43 – 08:52मंगल · 08:52 – 10:00सूर्य · 10:00 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:18बुध · 12:18 – 13:26चंद्र · 13:26 – 14:35शनि · 14:35 – 15:44गुरु · 15:44 – 16:52मंगल · 16:52 – 18:01सूर्य · 18:01 – 19:09शुक्र · 19:09 – 20:01बुध · 20:01 – 20:52चंद्र · 20:52 – 21:43शनि · 21:43 – 22:35गुरु · 22:35 – 23:26मंगल · 23:26 – 00:17सूर्य · 00:17 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:00बुध · 02:00 – 02:51चंद्र · 02:51 – 03:43शनि · 03:43 – 04:34गुरु · 04:34 – 05:25

24 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:01
15:44
17:26

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:51
04:08

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:01
15:44
17:26

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:51
04:08
04:04→04:45
11:50→12:45
16:45→18:32
07:09→08:52
10:35→12:18
14:01→15:44
06:00→07:48

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:26
06:34
07:43
08:52
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:44
16:52
18:01

रात के घंटे

12·51 मि
19:09
20:01
20:52
21:43
22:35
23:26
00:17
01:09
02:00
02:51
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 मई 2027 की तिथि क्या है?
24 मई 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
24 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
24 मई 2027 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग शुभ है।
24 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर तथा सूर्यास्त 19:09 पर होगा।
24 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:09–08:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।