धनतेरस 2026
धनत्रयोदशी
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
पाँच दिवसीय दीपावली की पहली संध्या — काली चौदस से एक शाम पहले, प्रदोष काल में जब त्रयोदशी तिथि हो। सोना-चाँदी या नया बर्तन ख़रीदा जाता है, यम के लिए दीप रखा जाता है और आरोग्य देवता धन्वंतरि की पूजा होती है।
पूजा मुहूर्त · प्रदोष काल
17:32 – 19:56
2 घं 24 मि
यम दीप और धन्वंतरि पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में; ख़रीदारी दिन भर की जाती है।
तिथि कृष्ण त्रयोदशी 7 नव॰ 10:48 तक
चान्द्र मास आश्विन (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त) · कृष्ण पक्ष
- सूर्योदय
- 06:36
- सूर्यास्त
- 17:32
- चंद्रोदय
- 03:40
समय नई दिल्ली, भारत के अनुसार
पूर्ण पंचांग देखेंइस दिन के अन्य पर्व
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अन्य नाम: यम दीप दान
धनतेरस की संध्या को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के लिए एक दीप रखा जाता है, ताकि वर्ष भर परिवार अकाल मृत्यु से सुरक्षित रहे।
अन्य नाम: धन्वंतरि त्रयोदशी
समुद्र मंथन में इसी त्रयोदशी को देवताओं के वैद्य धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। वैद्य और गृहस्थ आरोग्य के लिए उनकी पूजा करते हैं; भारत इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाता है।
इस पर्व के आसपास के त्योहार
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में धनतेरस कब है?
- धनतेरस 2026 6 नवंबर 2026 को है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- धनतेरस 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
- यम दीप और धन्वंतरि पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में; ख़रीदारी दिन भर की जाती है। 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में {kaal} 17:32 – 19:56 है; अन्य शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे रहता है।
- धनतेरस 2026 के दिन और क्या मनाया जाता है?
- 6 नवंबर 2026 को यम दीपदान और धन्वंतरि जयंती भी मनाए जाते हैं।



