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नरक चतुर्दशी 2026

रविवार, 8 नवंबर 2026

दीपावली से एक दिन पहले — चतुर्दशी तिथि में सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान (तेल स्नान) किया जाता है, जो नरकासुर पर श्रीकृष्ण की विजय का प्रतीक है। उत्तर भारत में इसे छोटी दिवाली और राजस्थान में रूप चौदस कहते हैं।

अरुणोदय

05:02 – 06:38

1 घं 36 मि

अभ्यंग स्नान सूर्योदय से पहले अरुणोदय काल में, चतुर्दशी रहते किया जाता है।

तिथि कृष्ण चतुर्दशी 11:28 तक

चान्द्र मास आश्विन (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त) · कृष्ण पक्ष

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
05:36

समय नई दिल्ली, भारत के अनुसार

पूर्ण पंचांग देखें

इस दिन के अन्य पर्व

रविवार, 8 नवंबर 2026 को रखे जाने वाले अन्य सभी पर्व और व्रत, प्रत्येक अपने समय के साथ।

  • दिवाली

    दीपावली

    17:31 – 19:55प्रदोष काल

    प्रकाश पर्व — नरक चतुर्दशी के बाद की अमावस्या को, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन होता है, घर दीपों से सजते हैं और मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं। अगली सुबह गोवर्धन पूजा के साथ कार्तिक का नववर्ष आरंभ होता है।

  • 17:31 – 19:55प्रदोष काल

    अन्य नाम: लक्ष्मी गणेश पूजन

    दीपावली का मुख्य अनुष्ठान: सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, स्थिर लग्न को श्रेष्ठ मानते हुए, दीप, मिठाई और नए बही-खातों के साथ लक्ष्मी-गणेश का पूजन होता है और घर को प्रकाशित रखा जाता है ताकि समृद्धि प्रवेश करे।

  • 17:31 – 19:55प्रदोष काल

    गुजरातअन्य नाम: शारदा पूजन

    दीपावली की संध्या गुजरात के व्यापारी पुराने बही-खाते बंद कर लक्ष्मी और सरस्वती के सामने नए खाते खोलते हैं, जिनके पहले पृष्ठ पर स्वस्तिक और 'शुभ लाभ' लिखा जाता है।

  • 17:31 – 19:55प्रदोष काल

    दीपावली की रात लक्ष्मी के साथ शारदा रूप में सरस्वती की पूजा होती है, ताकि नववर्ष में विद्या और धन साथ-साथ बढ़ें।

  • 23:38 – 00:31निशीथ काल

    बंगालअन्य नाम: श्यामा पूजा

    बंगाल में दीपावली की अमावस्या काली पूजा के रूप में मनाई जाती है: निशीथ काल में घरों और पंडालों में दीप, जवा पुष्प और मिठाई के साथ देवी की पूजा होती है।

इस पर्व के आसपास के त्योहार

दस दिन पहले से दस दिन बाद तक का हर पर्व, उत्सव और व्रत — पूरा पर्व-काल एक ही पृष्ठ पर।

  1. गुरु29अक्टू॰
  2. गुरु5नव॰
  3. शुक्र6नव॰
  4. शनि7नव॰
  5. रवि8नव॰
  6. मंगल10नव॰
  7. बुध11नव॰
  8. शनि14नव॰
  9. रवि15नव॰

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में नरक चतुर्दशी कब है?
नरक चतुर्दशी 2026 8 नवंबर 2026 को है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
नरक चतुर्दशी 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
अभ्यंग स्नान सूर्योदय से पहले अरुणोदय काल में, चतुर्दशी रहते किया जाता है। 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में {kaal} 05:02 है; अन्य शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे रहता है।
नरक चतुर्दशी 2026 के दिन और क्या मनाया जाता है?
8 नवंबर 2026 को दिवाली, लक्ष्मी पूजन, चोपड़ा पूजन, शारदा पूजन, और काली पूजा भी मनाए जाते हैं।