दिवाली 2027
दीपावली
शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027
प्रकाश पर्व — नरक चतुर्दशी के बाद की अमावस्या को, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन होता है, घर दीपों से सजते हैं और मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं। अगली सुबह गोवर्धन पूजा के साथ कार्तिक का नववर्ष आरंभ होता है।
पूजा मुहूर्त · प्रदोष काल
17:38 – 19:06
1 घं 28 मि
लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, अमावस्या रहते किया जाता है; इसमें स्थिर लग्न श्रेष्ठ है।
तिथि अमावस्या 19:06 तक
चान्द्र मास आश्विन (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त) · कृष्ण पक्ष
- सूर्योदय
- 06:30
- सूर्यास्त
- 17:38
- चंद्रोदय
- 06:06
समय नई दिल्ली, भारत के अनुसार
पूर्ण पंचांग देखेंइस दिन के अन्य पर्व
शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को रखे जाने वाले अन्य सभी पर्व और व्रत, प्रत्येक अपने समय के साथ।
अन्य नाम: लक्ष्मी गणेश पूजन
दीपावली का मुख्य अनुष्ठान: सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, स्थिर लग्न को श्रेष्ठ मानते हुए, दीप, मिठाई और नए बही-खातों के साथ लक्ष्मी-गणेश का पूजन होता है और घर को प्रकाशित रखा जाता है ताकि समृद्धि प्रवेश करे।
गुजरातअन्य नाम: शारदा पूजन
दीपावली की संध्या गुजरात के व्यापारी पुराने बही-खाते बंद कर लक्ष्मी और सरस्वती के सामने नए खाते खोलते हैं, जिनके पहले पृष्ठ पर स्वस्तिक और 'शुभ लाभ' लिखा जाता है।
दीपावली की रात लक्ष्मी के साथ शारदा रूप में सरस्वती की पूजा होती है, ताकि नववर्ष में विद्या और धन साथ-साथ बढ़ें।
इस पर्व के आसपास के त्योहार
दस दिन पहले से दस दिन बाद तक का हर पर्व, उत्सव और व्रत — पूरा पर्व-काल एक ही पृष्ठ पर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2027 में दिवाली कब है?
- दिवाली 2027 29 अक्टूबर 2027 को है। तिथि अमावस्या है।
- दिवाली 2027 का पूजा मुहूर्त क्या है?
- लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, अमावस्या रहते किया जाता है; इसमें स्थिर लग्न श्रेष्ठ है। 29 अक्टूबर 2027 को नई दिल्ली में {kaal} 17:38 – 19:06 है; अन्य शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे रहता है।
- दिवाली 2027 के दिन और क्या मनाया जाता है?
- 29 अक्टूबर 2027 को लक्ष्मी पूजन, चोपड़ा पूजन, और शारदा पूजन भी मनाए जाते हैं।



